धार्मिक तीर्थयात्रा पर पाकिस्तान पहुंची थी सरबजीत
याचिका के अनुसार, सरबजीत कौर धार्मिक तीर्थयात्रा वीजा पर पाकिस्तान में दाखिल हुई थीं, लेकिन आरोप है कि उन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया है। महिंदर पाल सिंह ने पहले लाहौर हाई कोर्ट सरबजीत में कौर को देश से निकालने की मांग करते हुए एक याचिका दायर की थी। कोर्ट ने उन्हें निचली अदालत में अपील करने की सलाह दी थी। इसके बाद महिंदर पाल सिंह लाहौर सेशंस कोर्ट पहुंचे।
सरबजीत कौर के खिलाफ क्या आरोप
अपनी याचिका में, महिंदर पाल सिंह ने तर्क दिया कि सरबजीत कौर पाकिस्तान में अवैध रूप से रह रही थी और उन्हें विदेशी अधिनियम, 1946 और फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) के संबंधित स्थायी आदेशों के तहत देश से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि उनके पति नासिर हुसैन के खिलाफ उन्हें पनाह देने के आरोप में मामला दर्ज किया जाए। याचिकाकर्ता ने आगे दावा किया कि कौर पाकिस्तान विदेशी अधिनियम, 1946 का उल्लंघन करते हुए ननकाना साहिब से भाग गई थी।
कोर्ट ने अधिकारियों से मांगा जवाब
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शाहबाज राजा ने इस मामले पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। एडवोकेट अली चंगेजी ने कहा कि सरबजीत कौर को पुलिस और इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड के अधिकारियों ने भारत वापस भेजने के लिए FIA को सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता यह पता लगाने के लिए एक जांच टीम के गठन की मांग कर रहा है कि कथित तौर पर भारत में आपराधिक रिकॉर्ड वाली महिला को पाकिस्तानी वीजा कैसे दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों ने पेहराय वाली गांव में छापा मारा, जिसके बाद सरबजीत कौर और उनके पति को ननकाना साहिब इलाके से गिरफ्तार किया गया।
सरबजीत कौर का धर्म परिवर्तन और शादी
48 वर्षीय सरबजीत कौर 4 नवंबर 2025 को बाबा गुरु नानक की जयंती समारोह में शामिल होने वाले भारतीय तीर्थयात्रियों के एक समूह के हिस्से के रूप में पाकिस्तान पहुंची थी। 5 नवंबर को उन्होंने इस्लाम कबूल कर लिया और एक पाकिस्तानी नागरिक नासिर हुसैन से शादी कर ली। इसी के साथ सरबजीत कौर ने अपना नाम बदलकर नूर हुसैन रख लिया था। उसकी गैरमौजूदगी 13 नवंबर को तब सामने आई जब तीर्थयात्रियों का समूह उसके बिना भारत लौट आया।
पाकिस्तान की कैद में सरबजीत
पाकिस्तानी अधिकारियों ने बाद में बताया कि सरबजीत कौर का वीजा 14 नवंबर को खत्म हो गया था। जिसके बाद इमिग्रेशन नियमों के तहत उन्हें देश से निकालने की कार्यवाही शुरू की गई। हालांकि, पाकिस्तान ने अज्ञात कारणों से उन्हें डिटेन कर लिया। सरबजीत कौर अब भी पाकिस्तान की कैद में हैं और उनके भारत लौटने को लेकर कोई नई जानकारी नहीं है।













