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  • Stock Market Rally: सुबह-सुबह शेयर मार्केट में ₹3800000000000 का फायदा, टैरिफ कम होने से सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा उछला

    नई दिल्ली: सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत अच्छी रही। Nifty50 और BSE Sensex दोनों हरे निशान में खुले। इसकी वजह थी अमेरिका से आई अच्छी खबरें। शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के लगाए टैरिफ को रद्द कर दिया था। इसी खबर से दुनिया भर के बाजारों में खुशी की लहर थी।


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    By Azad Hind Desk फरवरी 23, 2026
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    नई दिल्ली: सोमवार को शेयर बाजार की शुरुआत अच्छी रही। Nifty50 और BSE Sensex दोनों हरे निशान में खुले। इसकी वजह थी अमेरिका से आई अच्छी खबरें। शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के लगाए टैरिफ को रद्द कर दिया था। इसी खबर से दुनिया भर के बाजारों में खुशी की लहर थी। सुबह 9:30 बजे तक सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा उछल गया था। वहीं निफ्टी 50 में भी करीब 200 अंकों की तेजी आई। इस तेजी से BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 3.8 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। अब यह 471 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

    सुबह 9:50 बजे सेंसेक्स 557.72 अंकों की तेजी के साथ 83,372.43 अंक पर था। वहीं निफ्टी 50 भी 171.80 अंकों की बढ़त बनाकर 25,743.05 अंक पर कारोबार कर रहा था। बाजार में आने वाले दिनों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि वीकेंड पर कई बड़ी घटनाएं हुईं। इनमें सबसे अहम थी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जिसने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ उपायों को झटका दिया। इसके तुरंत बाद, अमेरिका ने 15% का ग्लोबल टैरिफ भी लगा दिया।
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    कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट

    सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भी भारी गिरावट आई। इसकी वजह यह खबर थी कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का तीसरा दौर शुरू होने वाला है। इससे संभावित युद्ध की चिंताएं कम हो गईं, जो बाज़ारों के लिए एक और अच्छी खबर थी।

    क्या था सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

    शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आर्थिक आपातकाल कानून के तहत जो बड़े पैमाने पर टैरिफ लगाए थे, वह उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर था। इस फैसले के कुछ ही घंटों के अंदर, ट्रंप ने एक अलग कानूनी रास्ते का इस्तेमाल करते हुए पहले 10% और फिर उसे बढ़ाकर 15% का नया टैरिफ घोषित कर दिया।

    शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे। Alphabet और Amazon जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में उछाल आया था। इसी वजह से बाजार में तेजी देखी गई, खासकर तब जब कोर्ट ने राष्ट्रपति के लगाए ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था। गुरुवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने बाजार से 934 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,637 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाजार में पैसा लगाया।

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