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  • Success Story: हनीमून की बचत ने दिया बिजनेस आइडिया, अंबाला की बेटी ने बनाई ₹4000 करोड़ की कंपनी

    नई दिल्ली: कैशकरो (CashKaro) और अर्नकरो (EarnKaro) की को-फाउंडर स्वाति भार्गव आज भारत के एफिलिएट मार्केटिंग सेक्टर की अग्रणी उद्यमियों में गिनी जाती हैं। वह अंबाला जैसे छोटे शहर से निकलीं और ग्लोबल एजुकेशन और फिर भारतीय स्टार्टअप जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। स्वाति का बचपन अंबाला में बीता, जहां परिवार से उन्हें मेहनत,


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    By Azad Hind Desk मार्च 3, 2026
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    नई दिल्ली: कैशकरो (CashKaro) और अर्नकरो (EarnKaro) की को-फाउंडर स्वाति भार्गव आज भारत के एफिलिएट मार्केटिंग सेक्टर की अग्रणी उद्यमियों में गिनी जाती हैं। वह अंबाला जैसे छोटे शहर से निकलीं और ग्लोबल एजुकेशन और फिर भारतीय स्टार्टअप जगत में अपनी अलग पहचान बनाई।

    स्वाति का बचपन अंबाला में बीता, जहां परिवार से उन्हें मेहनत, अनुशासन और आर्थिक आत्मनिर्भरता के मूल्य मिले। उन्हें London School of Economics (LSE) में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप मिली, जिसने उनके जीवन की दिशा बदल दी। यहीं से उन्होंने ग्लोबल बिजनेस मॉडल को समझा और समस्या-समाधान की सोच विकसित की। वित्त वर्ष 2024-25 में उनकी कंपनी 4,000 करोड़ रुपये से अधिक का GMV (ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू) दर्ज कर चुकी है और 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैशबैक ग्राहकों को दे चुकी है।
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    साल 2013 में शुरू हुआ कैश करो

    • स्वाति और उनके पति रोहन ने साल 2013 में ‘कैशकरो’ की शुरुआत की। उस समय भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम आज जितना विकसित नहीं था।
    • सीमित फंडिंग, कम भरोसा और नए बिजनेस मॉडल को समझाने जैसी कई चुनौतियां थीं। कैशबैक मॉडल का विचार उन्हें यूके में हनीमून टिकट बुक करते समय बचत के अनुभव से आया। उन्होंने सोचा कि क्यों न भारत में भी ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया जाए जो ग्राहकों को खरीदारी पर कैशबैक दे।
    • भारत में ई-कॉमर्स के तेजी से बढ़ने के साथ ब्रांड्स के लिए कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) बढ़ती जा रही थी। स्वाति ने इसे एक अवसर के रूप में देखा।
    • CashKaro ने परफॉर्मेंस-आधारित मार्केटिंग मॉडल अपनाया, जहां ब्रांड्स केवल वास्तविक बिक्री पर कमीशन देते हैं।

    कई ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ पार्टनरशिप

    • कंपनी ने Amazon, Flipkart और Myntra सहित 1000 से अधिक ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप की।
    • कुछ मार्केटप्लेस के लिए 30 से 40 गुना तक का ROAS (रिटर्न ऑन एड स्पेंड) हासिल किया गया।
    • साल 2019 में लॉन्च किए गए EarnKaro प्लेटफॉर्म के जरिए 40 लाख से अधिक यूजर्स (स्टूडेंट्स, इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स) अपनी नेटवर्किंग से कमाई कर रहे हैं।

    कैसे काम करता है कैशबैक मॉडल?

    जब ग्राहक कैशकरो प्लेटफॉर्म के जरिए किसी ई-कॉमर्स साइट पर खरीदारी करते हैं, तो ब्रांड्स कंपनी को कमीशन देते हैं। उसी कमीशन का एक हिस्सा ग्राहकों को कैशबैक के रूप में लौटाया जाता है और बाकी कंपनी की आय होती है। इससे ब्रांड्स को वास्तविक खरीदार मिलते हैं और ग्राहकों को बचत।

    स्वाति बताती हैं कि कई यूजर्स ‘डबल डिपिंग’ तकनीक से अनजान हैं। इसमें बैंक ऑफर और वॉलेट डिस्काउंट के साथ CashKaro कैशबैक को जोड़कर ज्यादा बचत की जा सकती है। साथ ही, रेफरल प्रोग्राम के जरिए यूजर्स अपने दोस्तों की खरीदारी पर 10% अतिरिक्त कैशबैक कमा सकते हैं।

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