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  • Success Story: गलियों की खाक छानकर बनाया करोड़ों का बिजनेस प्लान! Rapido बाइक की सवारी से खुला कामयाबी का रास्ता

    नई दिल्ली: अगर आप कोई बिजनेस शुरू करने या उसे दूसरी जगह फैलाने का प्लान बना रहे हैं तो आपकी रणनीति क्या होगी? शायद आप उस शहर या जगह का डेटा देखें या इंटरनेट पर रिसर्च करें। ये सारे काम आप एसी कमरे में अंदर ही बैठकर करेंगे। लेकिन द फालूदा शॉप (The Falooda Shop)


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    By Azad Hind Desk मार्च 4, 2026
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    नई दिल्ली: अगर आप कोई बिजनेस शुरू करने या उसे दूसरी जगह फैलाने का प्लान बना रहे हैं तो आपकी रणनीति क्या होगी? शायद आप उस शहर या जगह का डेटा देखें या इंटरनेट पर रिसर्च करें। ये सारे काम आप एसी कमरे में अंदर ही बैठकर करेंगे। लेकिन द फालूदा शॉप (The Falooda Shop) के फाउंडर प्रदीप कन्नन (Pradeep Kannan) की रणनीति बिल्कुल अलग है।

    प्रदीप दुनिया की टॉप टेक कंपनियों में से एक ऑरेकल (Oracle) में ऑपरेशंस हेड के पद पर थे। साल 2019 में उन्होंने जॉब छोड़ ‘द फालूदा शॉप’ की शुरुआत की। प्रदीप ने कॉरपोरेट मीटिंग्स और पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन से दूर बिजनेस समझने का अलग ही तरीका अपनाया है। उनका कहना है कि असली बिजनेस आइडिया एसी ऑफिस केबिन में नहीं, बल्कि सड़कों पर निकलने से मिलता है।
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    एक्स पर शेयर किया अनुभव

    प्रदीप कन्नन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने अनुभव शेयर किया है। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें किसी नए शहर को समझना होता है, तो वे ऑफिस या डिजिटल रिपोर्ट्स पर निर्भर नहीं रहते।

    इसके बजाय वे Rapido की बाइक बुक करते हैं और शहर की गलियों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का दौरा करते हैं। वे ट्रैफिक पैटर्न, दुकानों की स्थिति और यह समझने की कोशिश करते हैं कि कौन-सी दुकानें क्यों चल रही हैं और कौन-सी क्यों संघर्ष कर रही हैं।

    आम लोगों से बातचीत

    प्रदीप ने पोस्ट में लिखा है कि वह बाइक राइडर्स और स्थानीय ड्राइवरों से खुलकर बातचीत करते हैं। वे उनसे इलाके के डेवलपमेंट, पॉपुलर ब्रांड्स और कंज्यूमर्स की पसंद के बारे में पूछते हैं। उनका मानना है कि ऑनलाइन डेटा और रिसर्च रिपोर्ट्स उपयोगी हो सकती हैं, लेकिन वे जमीनी अनुभव की जगह नहीं ले सकतीं। उनके अनुसार, बिजनेस की असली समझ लोगों के व्यवहार, भावनाओं और बाजार की गति को करीब से देखने से मिलती है, जो अक्सर डेटा में नजर नहीं आती।

    ‘कंफर्ट जोन’ से बाहर निकलना जरूरी

    प्रदीप मैसेज साफ है कि बिजनेस के निर्णय केवल ऑफिस डेस्क पर बैठकर नहीं लिए जा सकते। बाजार को समझने के लिए 9 से 5 की दिनचर्या से बाहर निकलना, अलग समुदायों से जुड़ना और उपभोक्ताओं की वास्तविक परिस्थितियों को देखना जरूरी है। वह कहते हैं कि जो उद्यमी रोजमर्रा के अनुभवों से सीखने की आदत विकसित कर लेते हैं, वे अक्सर ऐसे अवसर पहचान लेते हैं जिन्हें केवल डेटा एनालिसिस से पकड़ना मुश्किल होता है।

    6 साल में 18 आउटलेट

    प्रदीप ने अपनी नौकरी छोड़ने के छह साल बाद यह साबित कर दिया कि दृढ़ विश्वास और साहस से क्या हासिल किया जा सकता है। उनकी ‘द फालूदा शॉप’ की शुरुआत 10×10 के एक छोटे स्टॉल से की थी। आज प्रदीप का बिजनेस काफी फैल चुका है। यह भारत के साथ दुबई सहित 18 से अधिक आउटलेट वाला एक सफल ब्रांड बन चुका है। इनका सालाना टर्नओवर 9 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

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