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  • Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण के समय तुलसी सहित इन 4 चीजों का कर सकते हैं प्रयोग, ग्रहण काल में भी माना जाता है इन्हें पवित्र

    सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को दोपहर के 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा। इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट रहेगी। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में लगने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र में सूर्यग्रहण को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना आवश्यक


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    By Azad Hind Desk फरवरी 17, 2026
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    सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, मंगलवार को दोपहर के 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा। इस सूर्य ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 31 मिनट रहेगी। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में लगने जा रहा है। ज्योतिषशास्त्र में सूर्यग्रहण को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। इस दौरान कुछ बातों का ख्याल रखना आवश्यक होता है। वहीं, शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण काल के समय तुलसी सहित 5 चीजों का प्रयोग किया जा सकता है क्योंकि, इन्हें बेहद पवित्र माना गया है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें की सूर्य ग्रहण के समय आप किन-किन चीजों का प्रयोग कर सकते हैं।

    गंगाजल कर सकते हैं प्रयोग
    ग्रहण काल के दौरान गंगाजल का प्रयोग भी किया जा सकता है। इसके पीछे की वजह है कि हिंदू धर्म में गंगाजल को बेहद पवित्र माना गया है और यह इस दौरान दूषित नहीं होता है। वहीं, आप गंगाजल से जुड़ा उपाय भी इस दौरान कर सकते हैं। इसके लिए एक रुपये का सिक्का पूजा स्थल पर रख दें। फिर, ग्रहण खत्म होने के बाद सिक्के को गंगाजल से धोकर इसे एक लाल रंग के वस्त्र में बांधकर अपनी तिजोरी में रखें। ऐसा करने से शुभ फल प्राप्त होता है। साथ ही, ग्रहण के बाद स्नान के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान अवश्य करना चाहिए।

    ग्रहण के समय जौ का करें प्रयोग
    सूर्य ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए आप जौ का प्रयोग भी कर सकते हैं। इसके लिए जौ को अपनी जेब में रखना चाहिए। मान्यता है कि ग्रहण काल के दौरान जौ संबंधित उपाय करने से मंगल ग्रह की अशुभता को कम किया जा सकता है। साथ ही, इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से भी बचाव हो सकता है। ऐसे में अपनी जेब में जौ जरूर रखना चाहिए।

    तुलसी का करें प्रयोग
    गंगाजल की तरह ही तुलसी को भी हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। ऐसे में ग्रहण काल के दौरान खाने पीने की वस्तु को शुद्ध बनाए रखने के लिए तुलसी का प्रयोग किया जाता है। इसके लिए ग्रहण से पहले ही अपने भोजन, जल, दूध आदि में तुलसी के पत्ते डाल देने चाहिए। इससे सूर्य ग्रहण की छाया का प्रभाव भोजन पर नहीं पड़ता है। मान्यता है की तुलसी दोषों का नाश करती है और नकारात्मकता को दूर करती है।

    काले तिल का प्रयोग करना है शुभ
    मान्यता है कि ग्रहण काल में नकारात्मक शक्तियां सामान्य दिनों से अधिक सक्रिय रहती हैं। ऐसे में ग्रहण के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए दान पुण्य के कार्य जरूर करने चाहिए। इसके लिए सूर्य ग्रहण शुरू होने से पहले तिल, काले वस्त्र आदि दान के लिए रखें और फिर ग्रहण समाप्त होने के पश्चात स्नान करें और काले तिल किसी जरूरतमंद को दान कर दें। ऐसा करने से राहु केतु शांत होते हैं और नकारात्मक ऊर्जा भी दूर होने लगती है।

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