सुंदर और तिलक वर्मा की चोट बनी सिरदर्द
टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और बल्लेबाज तिलक वर्मा की फिटनेस है। वाशिंगटन सुंदर को साइड स्ट्रेन (पसलियों और पीठ के पास की मांसपेशी) में खिंचाव है। उनकी रिकवरी धीमी है, जिससे वे विश्व कप के शुरुआती मैचों से बाहर हो सकते हैं। वहीं तिलक की रिकवरी अच्छी बताई जा रही है। उम्मीद है कि वे 12 फरवरी को होने वाले दूसरे मैच तक फिट हो जाएंगे। हालांकि, चयनकर्ता चाहते हैं कि 15 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले महामुकाबले तक टीम पूरी तरह सेटल हो जाए।
रियान पराग को स्टैंडबाय रहने के निर्देश
वाशिंगटन सुंदर के विकल्प के तौर पर रियान पराग का नाम सबसे आगे चल रहा है। पराग खुद कंधे की चोट से उबर रहे हैं। बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) को उन्हें तैयार करने को कहा गया है। पराग को 28 और 30 जनवरी को दो सिमुलेशन मैच खेलने हैं। अगर वे फिटनेस टेस्ट पास कर लेते हैं, तो उन्हें 2 फरवरी को मुंबई में टीम के साथ जुड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने यो-यो टेस्ट पास कर लिया है। जोकि भारतीय फैंस के लिए अच्छी बात है।
चयनकर्ताओं की रणनीति
चयनकर्ताओं ने हाल ही में न्यूजीलैंड सीरीज के लिए सुंदर की जगह रवि बिश्नोई और तिलक की जगह श्रेयस अय्यर को मौका दिया था। अब 30 जनवरी तक टीम में आधिकारिक बदलाव किए जा सकते हैं। बीसीसीआई के एक सूत्र के अनुसार, ‘वाशिंगटन को जल्दी वापस लाना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि इससे उनके आईपीएल सीजन पर भी खतरा मंडरा सकता है। इसलिए बैकअप विकल्पों पर गंभीरता से विचार हो रहा है।’
क्यों जरूरी है यह वार्म-अप मैच?
यह मैच टीम मैनेजमेंट के लिए एक लिटमस टेस्ट जैसा होगा। इससे न केवल चोटिल खिलाड़ियों की फिटनेस का पता चलेगा, बल्कि रियान पराग जैसे खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का मौका भी मिलेगा। कोच और कप्तान इस मैच के जरिए पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले बड़े मैच से पहले अपनी बेस्ट प्लेइंग इलेवन को अंतिम रूप देना चाहते हैं।














