बुधवार को बाजार बंद होने तक एसबीआई का मार्केट कैप लगभग 10.92 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वहीं टीसीएस का मार्केट कैप 10.52 लाख करोड़ रुपये रहा। इस लिस्ट में पहले नंबर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जिसका मार्केट कैप 19.87 लाख करोड़ रुपये है। दूसरे नंबर पर एचडीएफसी बैंक (14.16 लाख करोड़ रुपये) और तीसरे नंबर पर भारती एयरटेल (11.47 लाख करोड़ रुपये) हैं।
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एसबीआई को कैसे हुआ फायदा?
यह बदलाव तब हुआ है जब एसबीआई के तिमाही नतीजों के बाद उसके शेयरों में पिछले तीन दिनों में 11% की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी ओर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण आईटी सेक्टर में आने वाले बदलावों की चिंताओं के चलते टीसीएस के शेयर पिछले पांच दिनों में लगभग 4% गिर गए हैं। पिछले हफ्ते से टेक्नोलॉजी शेयरों में आई कमजोरी ने भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों को नीचे खींचा है। इसी का फायदा एसबीआई को मिला और वह रैंकिंग में ऊपर चढ़ गया।
कितना हुआ SBI को मुनाफा?
- एसबीआई ने तीसरी तिमाही में 21,030 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (नेट प्रॉफिट) कमाया है। यह बाजार के अनुमानों से 18% ज्यादा था।
- इसकी वजह बढ़ी हुई फीस से कमाई और उम्मीद से कम प्रोविजन (पैसों का अलग से रखना) रहे।
- बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 9% बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये हो गई।
- बैंक के मार्जिन (मुनाफे का प्रतिशत) 2.99% पर स्थिर रहे, जबकि घरेलू मार्जिन बढ़कर 3.12% हो गया। बैंक के मैनेजमेंट का कहना है कि वे वित्तीय वर्ष 2026 तक और लंबे समय तक मार्जिन को 3% से ऊपर बनाए रखने का भरोसा रखते हैं।
लोन देने में हुई बढ़ोतरी
बैंक के लोन देने का कारोबार साल-दर-साल 15.6% बढ़ा है, जबकि डिपॉजिट ग्रोथ 9% रही। यह दिखाता है कि कर्ज की मांग अच्छी है। बैंक की एसेट क्वालिटी में भी लगातार सुधार हुआ है। नए डूबे कर्ज कम हुए हैं और क्रेडिट कॉस्ट (कर्ज पर आने वाली लागत) 29 बेसिस पॉइंट (0.29%) पर अच्छी बनी हुई है।













