16 साल पहले दिखाई थी भविष्य की झलक
Xperia Pureness की Monochrome LCD डिस्प्ले किसी को भी आकर्षित करने के लिए काफी थी। जब फोन बंद होता था, तो स्क्रीन कांच के एक टुकड़े जैसी लगती थी, लेकिन ऑन होते ही उस पर टेक्स्ट और ग्राफिक्स तैरते नजर आते थे। 16 साल पहले ऐसी तकनीक देखना किसी जादू से कम नहीं था। हालांकि, इस पारदर्शी डिजाइन की एक चुनौती यह भी थी कि आप फोन पर क्या पढ़ रहे हैं, यह आपके पीछे खड़ा व्यक्ति भी आसानी से देख सकता था।
फीचर्स नहीं लुक्स पर था फोकस

इस फोन की लुक्स इसकी ताकत भी थी और कमजोरी भी। देखा जाए तो यह फोन किसी और खास फीचर के लिए पॉपुलर नहीं हुआ था लेकिन उस समय आर-पार दिखने वाली डिस्प्ले ही अपने आप में अजूबे से कम नहीं थी। दरअसल यह कोई स्मार्टफोन नहीं था बल्कि आर-पार दिखने वाली डिस्प्ले के साथ आने वाला फीचर फोन था। इसमें कोई कैमरा नहीं था, न ही मेमोरी कार्ड स्लॉट और न ही Wi-Fi की सुविधा। इसमें सिर्फ कॉलिंग, टेक्स्टिंग और म्यूजिक के बेसिक फीचर्स मौजूद थे। इसका कीपैड भी छिपा रहता था, जो इस्तेमाल करने पर ही दिखता था। कंपनी ने इसे उन लोगों के लिए बनाया था जो बहुत एडवांस फोन नहीं बल्कि एक स्टाइल स्टेटमेंट वाला फोन पसंद करते थे।
1000 डॉलर थी इस फोन की कीमत

Xperia Pureness फोन आम लोगों के लिए नहीं था। उस समय इसकी कीमत करीब 1000 डॉलर यानी कि लगभग 50,000-60,000 रुपये थी। यह कीमत 2009 के हिसाब से बहुत ज्यादा थी। दिलचस्प बात यह है कि इसे मोबाइल की दुकानों के बजाय चुनिंदा लग्जरी स्टोर्स में बेचा गया था। इस फोन को एक गैजेट से ज्यादा एक ‘स्टेटस सिंबल’ और फैशन एक्सेसरी के तौर पर मार्केट किया गया था।
इतिहास के पन्नों में क्यों खो गया अजूबा
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