इस बारे में कुछ दिनों पहले पीटीआई ने एक जानकारी दी थी। पीटीआई के मुताबिक अगर संसदीय परंपराओं का पालन किया जाए तो वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2026-27 का आम बजट रविवार को ही पेश करेंगी। जब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि ये फैसले संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति द्वारा सही समय पर लिए जाते हैं।
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बजट 1 को पेश होगा या 2 को?
सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार 1 फरवरी को ही बजट पेश करना चाहती है। सूत्रों के हवाले से आई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बजट की तैयारियां 1 फरवरी की तय तारीख के हिसाब से चल रही हैं। आमतौर पर हर साल बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाता है। वहीं दूसरी ओर 2 फरवरी को भी बजट पेश करने के कयास हैं। हालांकि, संसद के बजट सत्र की आधिकारिक तारीखों का ऐलान अभी बाकी है। इसके बाद ही तय होगा कि बजट किस दिन पेश होगा।
वीकेंड पर पहले कब बैठी संसद?
बजट संसद में पेश किया जाता है। सामान्यतः शनिवार और रविवार को वीकेंड के चलते छुट्टी रहती है। हालांकि संसद विशेष परिस्थितियों में रविवार को भी बैठी है। जैसे कि साल 2020 में COVID-19 महामारी के दौरान और 13 मई 2012 को संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ मनाने के लिए।
वहीं बात बजट की करें तो वीकेंड पर पहले भी बजट पेश हुए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 में शनिवार के दिन बजट पेश किया था। पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी साल 2015 और 2016 में 28 फरवरी (शनिवार) को बजट पेश किया था।
1 फरवरी को ही बजट क्यों?
साल 2017 से बजट पेश करने के लिए 1 फरवरी की तारीख चुनी गई। इसका मकसद यह था कि संसद नए वित्तीय वर्ष के शुरू होने से पहले यानी मार्च के अंत तक बजट को मंजूरी दे दे ताकि बजट 1 अप्रैल को यानी नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन से लागू हो सके। साल 2017 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को आम बजट पेश करने की शुरुआत की थी। साल 2017 से पहले आम बजट फरवरी के आखिरी दिन पेश किया जाता था। तब संसद को नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के खर्चों को पूरा करने के लिए ‘वोट ऑन अकाउंट’ पर वोट करना पड़ता था, ताकि भारत के समेकित निधि से पैसा निकाला जा सके।












