वित्त मंत्री ने कहा कि देश में कारोबार को बढ़ावा देने के लिए इकनॉमिक क्षेत्र तैयार किए जाएंगे। साथ ही एक्सपोर्ट बढ़ाने पर भी जोर रहेगा। एआई का इस्तेमाल किया जाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत को बायोफार्मा बनाया जाएगा। इसके लिए अगले 10 साल के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही तीन समर्पित रासायनिक पार्क की स्थापना होगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निर्मला सीतारमण को क्यों खिलाया दही-चीनी? लगातार 9वीं बार कर रहीं हैं बजट पेश
एमएसएमई को बड़ी सौगातें
बजट में वित्त मंत्री ने MSME सेक्टर के लिए भी बड़े ऐलान किए। अर्ध पेशेवर MSME को लाभ भी लाभ मिलेगा। बजट में चैंपियन MSME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया। साथ ही आत्मनिर्भर भारत निधि में बढ़ोतरी की गई। 2000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप का प्रस्ताव रखा गया। इनके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में 40 हजार करोड़ का प्रस्ताव रखा गया।
विकसित भारत बनाने पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संडे को कहा कि सरकार ने लंबी अवधि के आर्थिक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, जुमलों के बजाय सुधारों का रास्ता चुना है। लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक विकसित भारत बनने की दिशा में लगातार कदम उठाता रहेगा। अपने बजट भाषण के दौरान, सीतारमण ने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट भी पेश की। इस रिपोर्ट में 2026 से 2031 तक केंद्र और राज्यों के बीच टैक्स के बंटवारे की रूपरेखा बताई गई है।
वैश्विक अनिश्चितता के बीच विकास पर जोर
सीतारमण ने बताया कि भारत का सालाना बजट, वैश्विक माहौल के अस्थिर रहने के बावजूद, मजबूत आर्थिक विकास को गति देने और बनाए रखने का लक्ष्य रखता है। साथ ही, यह व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को भी बेहतर बनाएगा। अगले वित्तीय वर्ष के बजट में संरचनात्मक सुधारों, एक मजबूत वित्तीय क्षेत्र के निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में निवेश बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।













