ईरानी फ्रिगेट पर श्रीलंका का बयान
विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद को बताया कि ईरानी जहाज बुधवार को द्वीपीय देश के जल क्षेत्र के ठीक बाहर डूब रहा था। जहाज किस वजह से डूबा, इस बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं दी गई लेकिन हेराथ ने बताया कि घायल नाविकों को देश के दक्षिण में एक अस्पताल में ले जाया गया है। 180 क्रू वाले ईरानी फ्रिगेट ने सुबह-सुबह मदद के लिए आपातकालीन गुहार लगाई थी।
ईरानी जहाज पर किया गया हमला?
हेराथ ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के लिए श्रीलंका की नौसेना के दो जहाज और एक एयरक्राफ्ट को लगाया गया था। उन्होंने जहाज के डूबने की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। एक विपक्षी सांसद ने सवाल किया कि क्या ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायली हमलों के तहत जहाज पर बमबारी की गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर तत्काल जवाब नहीं दिया।
श्रीलंकाई नेवी के प्रवक्ता बुद्धिका संपत ने कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन श्रीलंका की समुद्री जिम्मेदारियों के हिसाब से था। समाचार एजेंसी AFP को बताया कि हमने अपनी इंटरनेशनल जिम्मेदारियों के तहत डिस्ट्रेस कॉल पर प्रतिक्रिया दी, क्योंकि यह हिंद महासागर में हमारे सर्च और रेस्क्यू एरिया में आता है। अधिकारियों ने कहा कि गाले में मेन हॉस्पिटल को नाविकों को लेने के लिए अलर्ट पर रखा गया था।
अमेरिका ने 17 ईरानी जहाजों को किया तबाह
यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका और इजरायल ईरानी जहाजों को लगातार निशाना बना रहे हैं। मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि ईरान के 17 जहाजों को नष्ट कर दिया गया है।













