दुनिया में जंगल का कानून चलता हैः एक्सपर्ट
विदेश मामलों के एक्सपर्ट वाएल अव्वाद ने कहा, ‘यह एक बार फिर साबित हो गया है कि कोई अंतरराष्ट्रीय कानून, UN चार्टर नहीं है। अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कायदे-कानूनों को नहीं मानने वाला देश है। वे जो चाहें कर सकते हैं। यही नीति उनके पिछले (अमेरिकी) राष्ट्रपतियों ने भी अपनाई है, जिससे जबरन सत्ता परिवर्तन हुआ। अमेरिका ने अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, लीबिया में ऐसा किया, और अब वेनेजुएला में, जो तेल से भरपूर है… सोचिए हम किस दुनिया में रह रहे हैं, जहां जंगल का कानून चलता है।’
मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिका ने किया गिरफ्तार
गौरतलब है कि शनिवार को सुबह-सुबह एक ऑपरेशन में अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने वेनेजुएला में एक आर्मी बेस पर हमला किया और मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ पकड़ लिया। दोनों को एक वॉर शिप पर बिठाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां फेडरल कोर्ट में उनके खिलाफ नार्को-टेररिज्म के आरोप दाखिल किए गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कल बैठक
बहरहाल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस अमेरिकी कार्रवाई पर सोमवार को आपात बैठक करेगी। संयुक्त राष्ट्र में सोमालिया के स्थायी मिशन की प्रवक्ता खदीजा अहमद ने कहा, ‘यह आपात बैठक सोमवार सुबह 10 बजे होगी। इस कार्रवाई को लेकर संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की यह कार्रवाई बेहद खतरनाक उदाहरण बन सकती है।’
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने हालात पर जताई चिंता
महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि गुटेरेस को आशंका है कि इस सैन्य कदम के पूरे क्षेत्र पर गंभीर असर पड़ सकता है। उनका कहना है कि वेनेजुएला की स्थिति चाहे जैसी भी हो, ऐसी घटनाएं अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए खतरनाक मिसाल हैं। उन्होंने कहा, ‘महासचिव सभी के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से सम्मान करने के महत्व पर जोर देते रहते हैं। इसमें संयुक्त राष्ट्र चार्टर भी शामिल है। वह इस बात से बहुत चिंतित हैं कि अंतर्राष्ट्रीय कानून के नियमों का सम्मान नहीं किया गया है।’














