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  • US-EU Tariff War Vs India Profit: अमेरिका-यूरोपीय संघ में टैरिफ वॉर, भारत को फायदा ही फायदा!

    नई दिल्ली: अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे टैरिफ़ युद्ध की वजह से 27 देशों के यूरोपीय संघ में भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, भारत और यूरोपीय संघ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए चल रही लंबी बातचीत के अंतिम चरण में हैं। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि


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    By Azad Hind Desk जनवरी 20, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच चल रहे टैरिफ़ युद्ध की वजह से 27 देशों के यूरोपीय संघ में भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, भारत और यूरोपीय संघ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए चल रही लंबी बातचीत के अंतिम चरण में हैं। व्यापार विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका द्वारा यूरोपीय निर्यात पर आक्रामक रुख अपनाने के बाद यूरोपीय संघ के पास भारत सहित अन्य देशों के साथ व्यापारिक संबंध मजबूत करने का अतिरिक्त प्रोत्साहन है। बदलती भू-राजनीति में भारत के यूरोपीय यूनियन के साथ संबंध और बेहतर हो सकते हैं।

    ग्रीनलैंड का समर्थन करने वाले देशों पर ठोंका टैरिफ

    द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, 17 जनवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन, नीदरलैंड और फिनलैंड से आयात पर 10% टैरिफ की घोषणा की। इन देशों द्वारा डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे को रोकने के फैसले का समर्थन करने के बाद ट्रंप ने स्पष्ट रूप से इस टैरिफ को ग्रीनलैंड से जोड़ दिया। अमेरिकी टैरिफ 1 फरवरी से लागू होगा और 1 जून को बढ़कर 25% हो जाएगा। यह तब तक जारी रहेगा जब तक अमेरिका ट्रंप द्वारा ‘ग्रीनलैंड की पूर्ण खरीद’ कहे जाने वाले सौदे को हासिल नहीं कर लेता।

    भारत को मिल सकता है बेहतर सौदा

    रेडीमेड कपड़ों के निर्यातक टीटी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संजय जैन ने कहा-यूरोपीय संघ इस समझौते के परिचालन पक्ष को जल्द से जल्द पूरा करना चाह सकता है। इससे न केवल भारत को बेहतर सौदा मिल सकता है बल्कि अनुसमर्थन की प्रक्रिया में भी तेजी आ सकती है।

    भारत-यूरोपीय संघ में 27 जनवरी को बड़ी ‘डील’

    भारत और यूरोपीय संघ द्वारा 27 जनवरी को राजधानी में होने वाले शिखर सम्मेलन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के समापन की घोषणा किए जाने की उम्मीद है। यह घोषणा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की 25 से 27 जनवरी तक होने वाली राजकीय यात्रा के साथ होगी। दोनों नेता 26 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी होंगे।

    चीन-अमेरिका टशन के बाद भी बढ़ा भारत का निर्यात

    एक अधिकारी ने कहा-भारत के लिए एक अवसर हो सकता है क्योंकि यह अस्थिरता से भरी दुनिया में एक स्थिर व्यापारिक साझेदार है। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापारिक अनिश्चितता के बावजूद भारत का निर्यात बढ़ा है।

    दिसंबर में भारत का निर्यात घटा, चीन का बढ़ा

    दिसंबर में अमेरिका को भारत का माल निर्यात सालाना आधार पर 1.8% घटकर 6.88 अरब डॉलर रह गया, जबकि चीन को निर्यात सालाना आधार पर 67% बढ़कर 2.04 अरब डॉलर हो गया। 20 जनवरी, 2025 को अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से ट्रंप ने सभी वैश्विक साझेदारों से अमेरिका द्वारा आयातित वस्तुओं पर शुल्क बढ़ा दिया है।

    जनवरी-नवंबर के दौरान भारत का निर्यात बढ़ा

    जनवरी-नवंबर 2025 के दौरान अमेरिका को भारत का निर्यात पिछले वर्ष के 73.76 अरब डॉलर से 16% बढ़कर 85.51 अरब डॉलर हो गया। इसी अवधि में चीन को निर्यात 15% बढ़कर 13.92 अरब डॉलर से 16.03 अरब डॉलर हो गया। जनवरी-अक्टूबर 2025 के दौरान चीन से अमेरिका का आयात पिछले वर्ष की तुलना में 26% घटकर 282.72 अरब डॉलर रह गया।

    अमेरिका-ईयू के बीच टैरिफ युद्ध से भारत को फायदा

    फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा-अगर अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच टैरिफ युद्ध शुरू होता है, तो कुछ व्यवसाय अन्य देशों में चले जाएंगे। भारत सहित बाकी साझेदार देशों को इसका फायदा होगा। अन्य देश इस स्थिति का लाभ उठाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रिटेन के साथ भारत ने पिछले जुलाई में व्यापार समझौता किया था। वह समझौते को लागू करने के लिए अनुसमर्थन प्रक्रिया में तेजी ला सकता है।

    ईयू के साथ होगी ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’

    नवभारत टाइम्स की एक खबर के अनुसार, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में कहा था कि यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ भारत का मुक्त व्यापार समझौता (FTA) Mother of All Deals साबित होगा। उन्होंने भरोसा भी दिया कि भारत इस समझौते को पूरा करने के लिए अपने राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा। प्रस्तावित समझौता पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौता होगा।

    भारत-ईयू FTA के बेहद करीब पहुंचे

    इससे पहले वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी करने के बहुत करीब हैं और शेष मुद्दों को सुलझाने के लिए चर्चा जारी है ताकि इस महीने के अंत में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की यात्रा के दौरान समझौते की घोषणा की जा सके।

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