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  • US-India Defence Deal: चीन को दबाने के लिए अमेरिका को चाहिए भारत का साथ, पाकिस्तान फिर बनेगा ‘टॉयलेट पेपर’?

    नई दिल्ली: अमेरिका ने चीन के बढ़ते दबदबे को देखते हुए भारत को मजबूत रक्षा साझीदार बताया है। अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष दिए एक बयान में ब्यूरो ऑफ साउथ एंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स में असिस्टेंट सेक्रेटरी एस पॉल कपूर ने भारत को बेहद अहम बताया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की दक्षिण एशिया


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    By Azad Hind Desk फरवरी 13, 2026
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    नई दिल्ली: अमेरिका ने चीन के बढ़ते दबदबे को देखते हुए भारत को मजबूत रक्षा साझीदार बताया है। अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष दिए एक बयान में ब्यूरो ऑफ साउथ एंड सेंट्रल एशियन अफेयर्स में असिस्टेंट सेक्रेटरी एस पॉल कपूर ने भारत को बेहद अहम बताया है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की दक्षिण एशिया पॉलिसी के बारे में 11 फरवरी को कांग्रेस के समक्ष ये बातें कही हैं।
    ‘साउथ एशिया: यूएस फॉरेन पॉलिसी इन द रीजन’ विषय पर एक सब कमेटी के समक्ष बोलते हुए कपूर ने क्षेत्र में अमेरिका की प्राथमिकताओं पर बात की। उन्होंने कहा कि अमेरिका का फोकस दक्षिण एशियाई देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा देना है। साथ ही रक्षा सहयोग और टार्गेटेड निवेश को बढ़ाना भी है।

    10 वर्षीय रक्षा सहयोग फ्रेमवर्क पर हुई बात

    एनर्जी के अलावा कपूर ने जोर देकर रक्षा सहयोग को बढ़ाए जाने पर भी बात की, जो रिश्तों की मजबूती को बढ़ाने वाला एक और स्तंभ है। कपूर ने हाल ही में अमेरिका-भारत ट्रेड डील और वॉशिंगटन-नई दिल्ली के बीच 10 वर्षीय रक्षा फ्रेमवर्क का हवाला देते हुए किा कहा कि ये दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को और गहरा करेंगे।

    भारत को अमेरिकी हथियार प्रणाली ‘पाइपलाइन में’

    कपूर ने कहा कि भारत को अमेरिकी हथियार प्रणाली दिए जाने की बात है, जिसकी बिक्री अभी ‘पाइपलाइन में’ है। यह भारत को अपनी संप्रभुता की रक्षा करने के साथ-साथ अमेरिकी विनिर्माण वाली नौकरियों में मददगार साबित होगी।

    चीन को दूर रखने के लिए आत्मनिर्भर भारत जरूरी

    कपूर ने बताया कि ऐसी रक्षा डील केवल लेन-देन से जुड़ी नहीं होती हैं, बल्कि ये रणनीतिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा-एक सक्षम और आत्मनिर्भर भारत चीन को हिंद-प्रशांत क्षेत्र से दूर बनाए रखने में मददगार होगा।

    भारत अमेरिका का वाइटल स्ट्रैटेजिक पार्टनर

    वहीं, हाउस फॉरेन अफेयर्स साउथ और सेंट्रल एशिया सबकमेटी के चेयरमैन बिल हुईजेंगा के अनुसार, भारत एक वाइटल स्ट्रैटेजिक पार्टनर है। मीटिंग की शुरुआत उन्होंने ऐसे की-भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। यह मजबूत रणनीतिक पार्टनर बना हुआ है।

    क्या है अमेरिका-भारत रक्षा फ्रेमवर्क

    अक्टूबर, 2025 में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक बड़ा फ्रेमवर्क तैयार किया गया था। भारत और अमेरिका ने तब मजबूत रक्षा सहयोग के लिए ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ दस्तखत किए थे।
    मलेशिया के कुआलालंपुर में 12वीं ASEAN रक्षा मंत्रियों की बैठक से इतर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीटर हेजेसेथ के साथ एक रचनात्मक बैठक की थी। उस वक्त हेजेसेथ ने अमेरिकी रक्षा सहयोग के लिए भारत को एक प्राथमिक देश बताया है, ताकि मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत बनाया जा सके।

    पाकिस्तान पर अमेरिका ने कह दी ये बड़ी बात

    हालांकि, भारत-अमेरिका रिश्तों पर ऐसी बातें करने वाले कपूर ने पाकिस्तान को भी क्षेत्र में दूसरा महत्वपूर्ण पार्टनर बताया है। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल मिनरल रिसोर्सेज और आतंकवाद रोधी सहयोग पर काम चल रहा है।
    इससे पाकिस्तान को अपने अंदरूनी खतरों और पाकिस्तान स्थित आतंकी समूहों से निपटने में भी मदद मिलेगी, जो दूसरे देशों के लिए खतरा हैं। अमेरिका ने एक तरह से पाकिस्तान में अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों के फलने-फूलने की बात पर मुहर लगा दी। भारत भी अंतरराष्ट्रीय मंचों से पाकिस्तान में आतंकी समूहों के पलने की बात उठा चुका है।

    पाकिस्तान ने कहा था-हमारा यूज टॉयलेट पेपर जैसा

    हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में दावा किया है कि अमेरिका ने हमारा इस्तेमाल टॉयलेट पेपर की तरह किया है।
    ख्वाजा आसिफ ने बताया कि पाकिस्तान ने अपनी नीतियां सुपरपावर अमेरिका को खुश करने के लिए बदलीं और उसने पाक का इस्तेमाल किसी टॉयलेट पेपर की तरह किया। ख्वाजा आसिफ ने इसके लिए पड़ोसी देश अफगानिस्तान का हवाला दिया, जहां कई सालों तक अमेरिका और रूस ने वर्चस्व कायम रखने की लड़ाई लड़ी।

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