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  • US India News: अमेरिका भारत संग रिश्ते को बचाए, पाकिस्तान के चक्कर में दोस्त ना गंवाए, अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने चेताया

    वॉशिंगटन: अमेरिका के जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को चेतावनी देते हुए भारत से रिश्ते को बचाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह से पाकिस्तान से करीबी संबंध बनाने की केशिश की है, उसने नई दिल्ली को काफी नाराज किया है और अमेरिका को हर हालत


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    By Azad Hind Desk जनवरी 21, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिका के जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स ने डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को चेतावनी देते हुए भारत से रिश्ते को बचाने की सलाह दी है। उनका कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप ने जिस तरह से पाकिस्तान से करीबी संबंध बनाने की केशिश की है, उसने नई दिल्ली को काफी नाराज किया है और अमेरिका को हर हालत में भारत से अपने संबंध को टूटने से बचाना चाहिए। राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के प्रशासन में काम कर चुके रिचर्ड फॉन्टेन और लिसा कर्टिस ने फॉरेन अफेयर्स में एक लेख लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा है कि “जब डोनाल्ड ट्रंप जनवरी 2025 में व्हाइट हाउस लौटे, तो अमेरिका-भारत संबंध इतने मजबूत थे कि बीसवीं सदी में शायद ही किसी ने इसकी भविष्यवाणी की होगी। लेकिन ट्रंप ने इस संबंध को इतना खराब कर दिया है, उसे वापस पटरी पर लौटने के लिए अब अमेरिका को कई सालों तक मेहनत करनी होगी।”

    अमेरिकी एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने क्रेडिट लेने की कोशिश की और सारी समस्याएं इसके बाद ट्रंप के घमंड और गुस्से से शुरू हुई। पाकिस्तान ने इसका फायदा उठाया और ट्रंप को नोबेल पुरस्कार तक के लिए नॉमिनेट कर दिया, लेकिन भारत, अपनी नीति के मुताबिक मध्यस्थता का श्रेय ट्रंप को देने से इनकार कर दिया। ट्रंप ने फिर पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख, जनरल सैयद आसिम मुनीर को ओवल ऑफिस में बुलाकर भारत को और गुस्सा दिलाया, ट्रंप ने भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर साइन करने से भी इनकार कर दिया और अमेरिका को होने वाले उसके निर्यात पर कड़े टैरिफ लगा दिए।

    ‘भारत से रिश्ता टूटने से बचाए अमेरिका’
    अमेरिकी एक्सपर्ट्स ने कहा है कि “पिछले साल अगस्त में ट्रंप ने भारत को “डेड इकोनॉमी” कहा। इसके जवाब में भारतीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी चीन गए, जो सात सालों में यह उनकी पहली यात्रा थी। इससे ट्रंप ने यह निष्कर्ष निकाला कि अमेरिका ने “भारत को खो दिया है।” उनका कहना है कि “अभी भी भारत और अमेरिका के बीच रिश्ता पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। भले ही उनके नेता आपस में झगड़ रहे हों, लेकिन दोनों सरकारें पर्दे के पीछे सहयोग कर रही हैं। लेकिन यह रिश्ता बहुत बुरी तरह से डगमगा रहा है और अगर अमेरिकी अधिकारी इसे ठीक करना चाहते हैं, तो उन्हें जल्दी कदम उठाने होंगे। ट्रंप प्रशासन को भारतीय सामानों पर टैरिफ कम करना होगा। उसे इस दावे से पीछे हटना होगा, कि अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के बीच शांति के लिए बातचीत की और कश्मीर पर उनके आठ दशक पुराने विवाद में मध्यस्थता करने की पेशकश बंद करनी होगी।”

    उन्होंने लिखा है कि “ट्रंप के लिए ये मांगे मुश्किल हो सकती हैं, जो अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करने और नोबेल पुरस्कार विजेता बनने पर अड़े हुए हैं। लेकिन अमेरिका-भारत रिश्ते को सुधारने के लिए उनके लिए ऐसा करना बहुत जरूरी है। भारत एक ग्लोबल स्विंग स्टेट है, जिसका नजरिया और काम, अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर बहुत ज्यादा असर डालेंगे। वह चीनी शक्ति के बारे में अमेरिका की चिंताओं को समझता है और वह यह सुनिश्चित करना चाहता है कि इंडो-पैसिफिक लोकतंत्र मजबूत हों और मिलकर काम करें। दूसरे शब्दों में, नई दिल्ली एक जरूरी अमेरिकी पार्टनर बना हुआ है। अगर यह रिश्ता खत्म हो गया तो वॉशिंगटन को इसकी कमी खलेगी।”

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