भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्या तय हुआ है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ऐलान से साफ है कि भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर जवाबी टैरिफ 50% के बजाय 18% किया जाएगा। वहीं, भारत की तरफ से वाणिज्य और कृषि मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि संवेदनशील सेक्टरों, खासकर एग्रीकल्चर और डेयरी के हित सुरक्षित रखे गए हैं।
डील कब से लागू होगी?
ट्रंप ने कहा है कि 18% टैरिफ तुरंत लागू होगा, लेकिन अमेरिकी नियमों के मुताबिक इसके लिए औपचारिक सरकारी आदेश जरूरी है, जो अभी जारी नहीं हुआ है। वहीं, भारत सरकार के अनुसार दोनों देशों की टीमें डील के तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दे रही हैं। ‘फाइनल अंडरस्टैंडिंग’ के बाद संयुक्त बयान आएगा, जिसके साथ डील के लागू होने की टाइमलाइन साफ होगी।
25% ऑयल पेनल्टी का क्या हुआ?
अप्रैल में अमेरिका ने रूस से तेल खरीद के आधार पर भारत पर 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगाई थी, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया था। अमेरिका 25% पेनल्टी को हटाने और बेस टैरिफ को 18% तक लाने पर राजी है।
क्या भारत अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ करेगा?
ट्रंप ने कई अमेरिकी चीजों पर जीरो टैरिफ की बात कही है, लेकिन यह किन प्रॉडक्ट्स पर और कब से लागू होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संकेत हैं कि इंडस्ट्रियल गुड्स पर कटौती तेज हो सकती है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी रहेगी।
500 बिलियन डॉलर की खरीद का मतलब क्या है?
ट्रंप के दावे के मुताबिक, भारत 500 बिलियन डॉलर की अमेरिकी चीजें खरीदेगा। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह खरीद डील लागू होने के बाद 5-6 साल में होगी।
कृषि और डेयरी पर भारत रियायत देगा?
अमेरिका अपने कृषि निर्यात के लिए बाजार चाहता है, लेकिन भारत ने साफ किया है कि GM फसलों और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सेव और बादाम सहित कुछ चीजों के लिए छूट दी जा सकती है।














