• National
  • Us India Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बारे में वो सब कुछ, जो जानना चाहते हैं आप

    नई दिल्ली: इंडिया -US ट्रेड डील को सरकार उपलब्धि के रूप में भुना रही है, तो विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। यहां डील से जुड़े ऐसे सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई है, जिन्हें हर कोई जानना चाहता है।भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्या तय हुआ है? अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ऐलान से


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 4, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: इंडिया -US ट्रेड डील को सरकार उपलब्धि के रूप में भुना रही है, तो विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं। यहां डील से जुड़े ऐसे सवालों के जवाब देने की कोशिश की गई है, जिन्हें हर कोई जानना चाहता है।
    भारत-अमेरिका ट्रेड डील क्या तय हुआ है?

    अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के ऐलान से साफ है कि भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर जवाबी टैरिफ 50% के बजाय 18% किया जाएगा। वहीं, भारत की तरफ से वाणिज्य और कृषि मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि संवेदनशील सेक्टरों, खासकर एग्रीकल्चर और डेयरी के हित सुरक्षित रखे गए हैं।

    डील कब से लागू होगी?

    ट्रंप ने कहा है कि 18% टैरिफ तुरंत लागू होगा, लेकिन अमेरिकी नियमों के मुताबिक इसके लिए औपचारिक सरकारी आदेश जरूरी है, जो अभी जारी नहीं हुआ है। वहीं, भारत सरकार के अनुसार दोनों देशों की टीमें डील के तकनीकी पहलुओं को अंतिम रूप दे रही हैं। ‘फाइनल अंडरस्टैंडिंग’ के बाद संयुक्त बयान आएगा, जिसके साथ डील के लागू होने की टाइमलाइन साफ होगी।

    25% ऑयल पेनल्टी का क्या हुआ?

    अप्रैल में अमेरिका ने रूस से तेल खरीद के आधार पर भारत पर 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगाई थी, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया था। अमेरिका 25% पेनल्टी को हटाने और बेस टैरिफ को 18% तक लाने पर राजी है।

    क्या भारत अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ करेगा?

    ट्रंप ने कई अमेरिकी चीजों पर जीरो टैरिफ की बात कही है, लेकिन यह किन प्रॉडक्ट्स पर और कब से लागू होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। संकेत हैं कि इंडस्ट्रियल गुड्स पर कटौती तेज हो सकती है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में सावधानी रहेगी।

    500 बिलियन डॉलर की खरीद का मतलब क्या है?

    ट्रंप के दावे के मुताबिक, भारत 500 बिलियन डॉलर की अमेरिकी चीजें खरीदेगा। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह खरीद डील लागू होने के बाद 5-6 साल में होगी।

    कृषि और डेयरी पर भारत रियायत देगा?

    अमेरिका अपने कृषि निर्यात के लिए बाजार चाहता है, लेकिन भारत ने साफ किया है कि GM फसलों और डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर सुरक्षित रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, सेव और बादाम सहित कुछ चीजों के लिए छूट दी जा सकती है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।