अमेरिकी सैनिकों को वापस लौटने का आदेश
रिपोर्ट के अनुसार, कतर में तैनात कुछ अमेरिकी सैनिकों को अल उदीद मिलिट्री बेस से जाने के लिए कहा गया है। यह भी बताया गया है कि कई अमेरिकी कर्मियों को बुधवार शाम तक कतर बेस छोड़ने के लिए कहा गया था। कतर में मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा अमेरिकी मिलिट्री बेस है। अमेरिकी सैनिकों को कतर छोड़कर जाने की रिपोर्ट तब आई है, जब ट्रंप ने एक दिन पहले ही ईरानी प्रदर्शनकारियों के प्रति समर्थन जताया था और कहा था कि मदद आ रही है। विशेषज्ञों ने ट्रंप के बयान में मदद का अर्थ ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से लगाया है।
कतर में पर हमला कर चुका है ईरान
ईरान ने पिछले साल अपने परमाणु प्रतिष्ठानों पर अमेरिकी हवाई हमलों के जबाव में कतर पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में अमेरिकी सैन्य अड्डे अल उदीद मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया था। हालांकि, इससे कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा था। हमले में ईरान ने कुल 19 मिसाइलें दागी गई थीं, जिनमें से कतर ने 18 को हवा में ही नष्ट कर दिया था। केवल एक मिसाइल मिलिट्री बेस के कम्युनिकेशन डोम से टकराई थी।
ईरान ने अमेरिका को धमकी दी
ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सहयोगियों को चेतावनी दी है कि अगर वाशिंगटन ईरान पर हमला करता है तो वह उनकी धरती पर स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा। एक ईरानी अधिकारी ने कहा, “तेहरान ने सऊदी अरब और यूएई से लेकर तुर्की तक के क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ईरान को निशाना बनाता है तो उन देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया जाएगा।” अधिकारी ने आगे कहा कि बढ़ते तनाव को देखते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच सीधे संपर्क निलंबित कर दिए गए हैं।













