• International
  • US Iran War: ईरान के खिलाफ कौन से हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है अमेरिका, ट्रंप लगातार दे रहे चेतावनी

    वॉशिंगटन: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह मुखर हैं। वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान को लगातार चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप ने ईरान को कई बार सैन्य कार्रवाई की भी धमकी दी है। इस बीच ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी अधिकारी


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 15, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    वॉशिंगटन: ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह मुखर हैं। वे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसक कार्रवाई को लेकर ईरान को लगातार चेतावनी दे रहे हैं। ट्रंप ने ईरान को कई बार सैन्य कार्रवाई की भी धमकी दी है। इस बीच ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी अधिकारी अपनी हिंसक कार्रवाई जारी रखते हैं तो वाशिंगटन सैन्य हस्तक्षेप कर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि ईरान के आसपास अमेरिकी सेना की तैनाती कैसी है और अगर युद्ध होता है तो वॉशिंगटन तेहरान के खिलाफ किन हथियारों और मिलिट्री फोर्स का इस्तेमाल कर सकता है।

    ईरान के पास अमेरिकी सैन्य उपस्थिति

    ट्रंप की लगातार चेतावनियों के बावजूद ईरान के पास अमेरिकी सैन्य उपस्थिति काफी कम है। हालांकि, अमेरिका ने हाल में ही ईरान के पास सैन्य शक्ति को बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके बावजूद विशेषज्ञों को शक है कि अमेरिका शायद ही ईरान के पास जून 2025 जैसी सैन्य तैनाती कर पाए, क्योंकि वह कई मोर्चों पर खतरे का सामना कर रहा है। अमेरिका इन दिनों ऑपरेशन सदर्न स्पीयर के तहत कैरिबियन में बड़े पैमाने पर सैन्य तैनाती की है। इसके अलावा अदन की खाड़ी, दक्षिणी चीन सागर और हिंद महासागर में अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी बढ़ी है।

    ईरान के पास अमेरिकी सेना के 19 ठिकानें

    अमेरिका ने ईरान से जारी तनाव को देखते हुए बरसों से मध्य पूर्व में 19 सैन्य ठिकानें विकसित किए हैं। इनमें बहरीन, मिस्र, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में आठ स्थायी बेस शामिल हैं। इन सब में सबसे महत्वपूर्ण कतर में अल उदीद एयर बेस है, जो इस क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा मिलिट्री ठिकाना है, जहां लगभग 10,000 सैनिक तैनात हैं।

    टॉमहॉक मिसाइल से हमला

    अमेरिका ने 2025 में ईरान के परमाणु ठिकानों पर B-2 बॉम्बर से हमला किया था। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अपने सैनिकों को भेजने के बजाए दूर से हमले का विकल्प चुनेगा। इनमें एक विकल्प टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से हमला है। इस मिसाइल को अमेरिकी नौसेना की पनडुब्बियों और युद्धपोतों से लॉन्च किया जा सकता है जो ईरानी तटों से बहुत दूर तैनात हैं। इससे अमेरिकी नौसैनिकों को खतरा भी कम होगा।

    JASSM मिसाइल से हमला

    दूसरा विकल्प है, जॉइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल (JASSM) से हमला। इस मिसाइल में 1,000 पाउंड का कवचभेदी वॉरहेड होता है। इसकी रेंज 620 मील (1,000 किलोमीटर) है। JASSM को कई तरह के लड़ाकू विमानों से फायर किया जा सकता है, जिसमें F-15, F-16, और F-35 फाइटर जेट और B-1, B-2, और B-52 बॉम्बर शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के F/A-18 जेट से भी इसे दागा जा सकता है।

    ड्रोन हमला

    विश्लेषकों का यह भी मानना है कि अमेरिका ईरान पर ड्रोन से भी हमले का विकल्प आजमा सकता है। ये अमेरिकी लड़ाकू विमानों के पायलटों के लिए जोखिम को कम कर सकते हैं। साथ में अमेरिका के लिए निगरानी का काम भी कर सकते हैं। वर्तमान में ईरान के पास अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियरों की कमी के कारण दूर से ही हमले की आशंका ज्यादा है।

    साइबर हमला

    अमेरिका ईरान के खिलाफ साइबर हमले का विकल्प भी आजमा सकता है। इतना ही नहीं, अमेरिका ईरानी प्रदर्शनकारियों के लिए इंटरनेट बहाल कर सकता है, जिससे ईरान को बड़ा झटका लगेगा। साइबर हमला ईरान के एयर डिफेंस नेटवर्क और ड्रोन कमांड-एंड-कंट्रोल सिस्टम को भी निशाना बना सकता है।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।