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  • US Taiwan Deal: ताइवान को मिली ‘शिप किलर’ हार्पून मिसाइलों की पहली खेप, चीनी युद्धपोतों का कहा जाता है काल

    ताइपे: अमेरिका ने ताइवान को जमीन पर आधारित हार्पून एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम की खेप सौंपनी शुरू कर दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में हार्पून सिस्टम से जुड़े काफिले के वाहनों के आने की पुष्टि की गई है। इनमें मिसाइल लॉन्चर ट्रक, रडार वाहन और कमांड-एंड-कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। लॉन्चर वाहन हेवी एक्सपेंडेड मोबिलिटी टैक्टिकल ट्रक


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    By Azad Hind Desk फरवरी 7, 2026
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    ताइपे: अमेरिका ने ताइवान को जमीन पर आधारित हार्पून एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम की खेप सौंपनी शुरू कर दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में हार्पून सिस्टम से जुड़े काफिले के वाहनों के आने की पुष्टि की गई है। इनमें मिसाइल लॉन्चर ट्रक, रडार वाहन और कमांड-एंड-कंट्रोल यूनिट शामिल हैं। लॉन्चर वाहन हेवी एक्सपेंडेड मोबिलिटी टैक्टिकल ट्रक प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं, जिसे आमतौर पर HEMTT के नाम से जाना जाता है। अभी तक जो जानकारी है उसके मुताबिक, ताइवान ने अमेरिका से 100 जमीन पर आधारित हार्पून कोस्टल डिफेंस सिस्टम के साथ कुल 400 मिसाइलों का ऑर्डर दिया था।

    इस डील को अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री चैनलों के माध्यम से मंजूरी दी गई थी और इसका मकसद ताइवान की तटरेखा की ओर आने वाले सतह के खतरों का मुकाबला करने की क्षमता को बढ़ाना है। हार्पून मिसाइलों की ये डिलीवरी, ताइपे और वाशिंगटन के बीच तय शेड्यूल के तहत ही अलग अलग चरणों में की जा रही है। मौजूदा टाइमलाइन के मुताबिक, 2026 के आखिर तक पूरे 32 सिस्टम डिलीवर किए जाएंगे, और बाकी 68 सिस्टम 2028 तक ताइवान को सौंप दिए जाएंगे।

    ताइवान को हार्पून मिसाइलों की डिलीवरी शुरू
    रिपोर्ट के मुताबिक, हार्पून मिसाइलों को ताइवान की सेना के साथ इंटीग्रेट करने के लिए अमेरिकी इंस्ट्रक्टर और टेक्निकल सलाहकारों को भी तैनात किया जाता है। इसके बाद मोबाइल लॉन्चर, रडार सिस्टम और सपोर्टिंग उपकरण डिलीवर किए जाते हैं। मिसाइलों को खुद आखिरी चरण में डिलीवर किया जाता है, जिससे ताइवानी यूनिट्स को असली गोला-बारूद मिलने से पहले ट्रेनिंग और इंटीग्रेशन पूरा करने का मौका मिलता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन सिस्टम को ताइवान की नौसेना तटीय रक्षा कमान ऑपरेट कर सकती है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ताइवान ने जो हार्पून मिसाइलें RGM-84L-4 ब्लॉक II (U) खरीदी हैं, वो जमीन पर आधारित वेरिएंट हैं। ये हार्पून एंटी-शिप मिसाइल परिवार का एक आधुनिक वर्जन है। ब्लॉक II कॉन्फ़िगरेशन को जटिल तटीय वातावरण में बेहतर गाइडेंस और टारगेटिंग के लिए डिजाइन किया गया है और यह चलते हुए सतह के लक्ष्यों को निशाना बनाने में मदद करता है। इस मिसाइल की मैक्सिमम रेंज को लेकर थोड़ा अलग अलग अनुमान है। इसे बनाने वाली कंपनी बोइंग ने इसकी रेंज करीब 124 किलोमीटर बताई है। ताइवान की नौसेना ने सांसदों को बताया है कि खरीदा गया वर्जन पहले के अमेरिकी मिलिट्री वेरिएंट की तुलना में बेहतर परफॉर्मेंस देता है, जबकि कुछ बाहरी अनुमानों के अनुसार इसकी रेंज 148 किलोमीटर से ज्यादा है।

    हार्पून मिसाइलों से चीन को कितना खतरा?
    चीन के युद्धपोत अकसर ताइवान को घेरते रहते हैं। ताइवान जलडमरूमध्य को अब चीनी जहाज पार करने लगे हैं, जिसका मकसद ताइवान की सेना को धमकाना होता है। लेकिन हार्पून मिसाइल चीन के युद्धपोत को पूरी तरह से समुंदर में डूबोने की क्षमता रखती हैं। इसके अलावा चीनी एयरक्राफ्ट कैरियर और विध्वंसक जहाजों को ताइवान के पूर्वी हिस्से (प्रशांत महासागर की तरफ) भेजता रहता है। वहीं चीन ताइवान के प्रमुख बंदरगाहों जैसे Kaohsiung और Keelung के पास नो-गो जोन बना देता है, यानि नाकेबंदी कर देता है, लेकिन अब चीन हार्पून मिसाइल से डरेगा।

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