ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमति व्यक्त की। इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समाप्त करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर हफ्ते हजारों लोग मर रहे हैं।
India US Relations: मोदी से बात, इंडिया गेट की तस्वीर और मैगजीन वाला पोस्ट; ट्रंप को अचानक क्यों आई भारत की याद?
ट्रेड डील भी हुई डन
- भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील भी हो गई है। अपनी पोस्ट में ट्रंप ने भारत पर लगे टैरिफ को कम करने की भी बात कही।
- ट्रंप ने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती और सम्मान के नाते, और उनके अनुरोध पर, हमने तुरंत संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति व्यक्त की।
- इस समझौते के तहत, अमेरिका अब 25% के बजाय 18% का कम टैरिफ लगाएगा। भारत भी अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को पूरी तरह से शून्य कर देगा।
- इससे पहले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा था, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी-अभी प्रधानमंत्री मोदी से बात की है। जुड़े रहें…’
भारत करेगा ज्यादा खरीदारी
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका से BUY AMERICAN (अमेरिकी सामान खरीदें) के तहत बहुत अधिक खरीदारी करने का भी वादा किया। इसके अलावा, वे अमेरिका से 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और कई अन्य उत्पादों को खरीदेंगे। भारत के साथ हमारा अद्भुत रिश्ता भविष्य में और भी मजबूत होगा। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी और मैं ऐसे लोग हैं जो काम करते हैं और चीजों को पूरा करते हैं। यह बात ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कही जा सकती। इस मामले पर आपके ध्यान के लिए धन्यवाद।
डील से क्या बदलेगा?
- इस डील का सीधा मतलब यह है कि भारत अब अमेरिका से ज्यादा सामान खरीदेगा। इसमें ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और कृषि उत्पाद प्रमुख हैं।
- बदले में अमेरिका भारत से आने वाले कुछ सामानों पर कम टैरिफ लगाएगा। भारत का रूसी तेल खरीदना कम करना भी इस डील का एक अहम हिस्सा है।
- यह भारत के लिए एक बड़ा कदम है क्योंकि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए तेल के बड़े आयातक पर निर्भर है।
- अमेरिका के लिए यह एक बड़ी जीत है क्योंकि वह अपने व्यापार घाटे को कम करना चाहता है और अपने उत्पादों के लिए नए बाजार तलाश रहा है। यह डील दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगी।
ईयू के साथ डील के बाद बड़ी खबर
यह डील ऐसे समय में आई है जब कुछ दिन पहले ही भारत और यूरोपियन यूनियन (EU) ने एक बड़ी व्यापार डील की घोषणा की थी, जिसे दोनों पक्षों ने ‘सभी डीलों की मां’ कहा था। हालांकि ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, लेकिन अमेरिका अभी भी भारत का सबसे बड़ा एकल व्यापारिक साझेदार बना हुआ है। शनिवार को ट्रंप ने दावा किया था कि भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदना शुरू कर देगा। उनका कहना था कि इससे रूसी तेल की आपूर्ति का कुछ हिस्सा बदला जा सकेगा। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक देश है।













