महेश बाबू का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब एसएस राजामौली ने बताया कि फिल्म में एक युद्ध वाला सीन है। इस सीन को बड़े पर्दे पर ग्रैंड और ओवर द टॉप बनाने के लिए डायरेक्टर साहब ने इसे IMAX फॉर्मेट में शूट किया है। पर्दे पर अद्भुत और अकल्पनीय विजुअल एक्सपीरियंस रचने के लिए पहचाने जाने वाले राजामौली ने हालांकि, यह भी भी बताया कि ‘वाराणसी‘ स्टैंड अलोन फिल्म है। यानी इसका कोई सीक्वल नहीं बनेगा।
‘मैं भगवान राम का किरदार निभा रहा हूं’
‘स्क्रीन रेंट’ से बात करते हुए महेश बाबू ने अपने किरदार को लेकर दिलचस्प बातें बताई हैं। वह कहते हैं, ‘मैं भगवान राम का किरदार निभा रहा हूं। इसके लिए खास पोस्चर की जरूरत थी। आप मॉडर्न किरदारों की तरह खड़े नहीं हो सकते। उस खास हिस्से के लिए अलग ट्रेनिंग हुई है। राजामौली सर ने मुझे कुछ यूरोपियन मूर्तियां दीं, जिन्हें मैंने अपने स्टडी रूम में लगाया। यह मेरे स्मार्टफोन में भी हर जगह साथ रहता था, ताकि जब भी मौका मिले, मैं उन पोस्चर में आने-जाने की प्रैक्टिस कर सकूं।’
महेश बाबू ने सीखा सीधे खड़े होने का एक खास तरीका
तेलुगू सिनेमा के सुपरस्टार ने कहा, ‘जर्मनी में एक फैमिली हॉलिडे के दौरान, मैं अनजाने में ही एक पोस्चर में आ जाता था। कुछ विदेशियों ने मुझे देखा और सोचा कि क्या यह आदमी ठीक है? (हंसते हुए) तभी मैंने यह नोटिस किया। मुझे तब इसका एहसास नहीं हुआ था, लेकिन अब जब हम शूटिंग कर रहे हैं और वह मुझसे कहते हैं कि महेश, सीधे खड़े हो जाओ, तो यह करना बहुत आसान हो जाता है, क्योंकि मैं पिछले साल उस पूरे प्रोसेस से गुजरा था।
सिर्फ दो शॉट्स के लिए ली कलारी मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग
इसी तरह ‘वैरायटी’ से बात करते हुए महेश बाबू ने बताया कि फिल्म के लिए उन्होंने कलारी की भी ट्रेनिंग ली, जो केरल में शुरू हुई एक प्राचीन मार्शल आर्ट्स है। यह सब इसलिए ताकि वह भगवान राम की तरह दौड़ सकें, जिसके सिर्फ दो शॉट्स वाराणसी के फाइनल कट में शामिल होंगे। वह कहते हैं, ‘जब मैंने शॉट देखा, तो मैं बहुत खुश था। यह इसके लायक था, क्योंकि उस एक शॉट के लिए छह महीने की ट्रेनिंग सच में इसके लायक थी। मेरे चलने का तरीका बदल गया, मेरे खड़े होने का तरीका बदल गया, सब कुछ बदल गया।’
महेश बाबू बोले- राजामौली ने मुझे बिगाड़ दिया है
एक्टर ने कबूल किया कि ‘वाराणसी’ में राजामौली के साथ काम करने से वह ‘बिगड़’ गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से निकलकर अपने अगले प्रोजेक्ट पर जाना अब उनके लिए बहुत मुश्किल लगेगा। वह कहते हैं कि राजामौली एक्शन को बहुत आसान बना देते हैं। आप सेट पर बिना चोट के और बिना ज्यादा गलतियों के उन एक्शन सीक्वेंस को कर पाते हैं।
राजमौली बोले- मेरी सभी फिल्में रामायण की कहानियों से प्रेरित
इसी तरह, राजमौली ने ‘पॉलीगॉन’ से बातचीत में अपनी फिल्मों में रामायण से प्रेरणा को लेकर बात की। उन्होंने बताया, ‘मेरी सभी फिल्में रामायण की कहानियों से प्रेरित हैं। इस फिल्म में, मुझे असल में रामायण से ही एक असली घटना लेने और उसे इस तरह से पेश करने का मौका मिला है।’ यदि आपको याद हो, तो उनकी पिछली ब्लॉकबस्टर एक्शन एपिक RRR (2022) में भी, राम चरण का किरदार आखिर में एक खास एक्शन सीक्वेंस में भगवान राम जैसा दिखता है।
‘वाराणसी’ की कहानी के केंद्र में एक पिता और बेटे का रिश्ता
एसएस राजामौली कहते हैं, ‘एक कहानीकार के तौर पर मेरा काम यह है कि आपको कुछ भी अजीब न लगे। फिल्म को इस तरह से बनाना है कि यह आपके दिमाग पर बोझ न डाले। हो सकता है कि आप राम की पूरी कहानी न समझ पाएं, लेकिन इसकी जरूरत भी नहीं है। अगर आप किरदारों की भावनाओं को समझते हैं, तो आप समझ जाएंगे कि क्या हो रहा है। इस फिल्म में सबसे जरूरी रिश्ता ‘एक पिता और बेटे’ का है, जो भगवान राम और दशरथ पर आधारित है।
एसएस राजामौली की पिछली 3 फिल्में और कमाई
| साल | फिल्म | देश में नेट कलेक्शन | वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन |
| 2015 | बाहुबली – द बिगिनिंग | 1030.42 करोड़ रुपये | 650 करोड़ रुपये |
| 2017 | बाहुबली 2 – द कंक्लूजन | 421.00 करोड़ रुपये | 1788.06 करोड़ रुपये |
| 2022 | RRR | 782.20 करोड़ रुपये | 1230 करोड़ रुपये |
‘वाराणसी’ का बजट और स्टारकास्ट
‘वाराणसी’ की कास्ट में महेश बाबू जहां रुद्र का किरदार निभा रहे हैं, वहीं प्रियंका चोपड़ा के किरदार का नाम मंदाकिनी है। वह एक रहस्यमयी चोर हैं। जबकि फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन मेन विलेन कुंभा के रोल में हैं। हमने पोस्टर में प्रियंका चोपड़ा का एक्शन अवतार देखा है। अब इंतजार 7 अप्रैल 2027 का है, जब यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह देश की अब तक की सबसे महंगी फिल्म भी बताई जा रही है। कथित तौर पर इसका बजट 1000–1300 करोड़ रुपये है।













