भारत और वेनेजुएला के बीच कई चीजों का कारोबार होता है। भारत वेनेजुएला से भी कच्चा तेल खरीदता है। भारत की बड़ी रिफाइनरियां, जैसे रिलायंस की जामनगर वाली, इसी खास तरह के सस्ते और घने तेल को प्रोसेस करने के लिए बनाई गई हैं। यह तेल डीजल और पेट्रोल जैसे कीमती ईंधन बनाने के काम आता है। अगर इस तेल की सप्लाई रुक जाती है, तो भारत को रोजाना करीब 6,00,000 बैरल तेल नहीं मिल पाएगा। इससे भारतीय कंपनियों को मिडिल ईस्ट या कनाडा से महंगा तेल खरीदना पड़ेगा।
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भारत-वेनेजुएला के बीच व्यापार
- भारत वेनेजुएला को दवाइयां, टीके, मशीनें, सूती कपड़े, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी चीजें बेचता है। भारत वेनेजुएला की दवाइयों की बहुत बड़ी जरूरतें पूरी करता है। ये दवाइयां अक्सर कम दाम पर या मुफ्त में दी जाती हैं।
- भारत वेनेजुएला से कच्चा तेल, पेट्रोलियम कोक, लोहे का स्क्रैप (कबाड़), तांबे का स्क्रैप और कुछ ऑर्गेनिक केमिकल खरीदता है। साल 2023-24 में भारत ने वेनेजुएला से करीब 43.4 मिलियन डॉलर का स्क्रैप लोहा आयात किया था।
- साल 2024 के डेटा के मुताबिक भारत ने वेनेजुएला से लगभग 36.20 मिलियन डॉलर का एल्युमिनियम आयात किया। इसका इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, कंस्ट्रक्शन, बिजली आदि में होता है।
भारत पर क्या असर?
- वेनेजुएला पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों का भारत पर बुरा असर पड़ रहा है। भारत भारी मात्रा में वेनेजुएला से कच्चा तेल मंगाता है। अब इस तेल पर निर्भरता भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत ने वेनेजुएला से साल 2024 में लगभग 22 मिलियन बैरल तेल का आयात किया था।
- भारत की सरकारी तेल कंपनी ONGC Videsh ने वेनेजुएला में काफी पैसा लगाया है। प्रतिबंधों के कारण ONGC Videsh के करीब 600 मिलियन डॉलर अटक गए हैं। यह कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है।
- भारत से वेनेजुएला को जाने वाली दवाइयों और कपड़ों का निर्यात भी कम हो गया है। इससे भारत के व्यापार को भी नुकसान हो रहा है।
- अमेरिकी के वेनेजुएला पर अटैक से भारत और वेनेजुएला के बीच एक्सपोर्ट और इंपोर्ट रुक सकता है।
भारत क्यों हस्तक्षेप नहीं कर रहा?
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच युद्ध को लेकर भारत कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहता। अमेरिका ने जब वेनेजुएला पर तेल का बैन लगाया था तब भी भारत ने कोई आलोचना नहीं की थी। दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच अभी ट्रेड डील फाइनल नहीं हुई है। अगर भारत ने अमेरिका और वेनेजुएला के मामले में कुछ बोला तो यह ट्रेड डील फिर से अटक सकती है।











