दीपिका सिंह ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर डांस वीडियो शेयर किया है। दीपिका ने सुमेध के, के गाए भक्ति गीत ‘तुलसी’ पर क्लासिकल डांस किया है। इस गाने में तुलसी मां की भक्ति की गई है। दीपिका का डांस देख काफी फैंस ने कमेंट किए हैं। जो लोग कभी दीपिका के अतरंगी डांस के लिए उनकी आलोचना करते थे, वो भी उनकी तारीफ कर रहे हैं।
दीपिका सिंह का जंगल में डांस और यूजर्स के कमेंट्स
एक यूजर ने कमेंट किया है, ‘बहुत ही सुंदर डांस है दीपिका जी का। लगता है बहुत बचपन से ही तैयारी कर रही हैं। रेखा जी के बाद में आपका डांस बहुत अच्छा लगा।’ एक बोला, ‘एकदम मोरनी लग रही हो।’ एक यूजर ने लिखा, ‘वाह, कितना ग्रेसफुल और प्यारा है।’ एक बोला, ‘मेरी मोरनी, क्या डांस किया है। क्या लुक और एक्सप्रेशन्स हैं।’
दीपिका सिंह के लिए कई बार डांस बना फजीहत
मालूम हो कि दीपिका सिंह अपनी एक्टिंग के अलावा डांस को लेकर भी सुर्खियों में रहती हैं। वह अकसर ही अपने डांस स्टेप्स के कारण ट्रोल हो जाती हैं। एक बार तो दीपिका रिप्ड जीन्स पहनकर डांस कर रही थीं, और ऐसे स्टेप्स किए कि गिरते-गिरते बची थीं। तब यूजर्स ने उनका खूब मजाक उड़ाया था।
यहां जानिए वो मौके, जब डांस के कारण दीपिका सिंह का मजाक बना:
- साल 2021 में जब चक्रवात आया था, तो उस वक्त दीपिका ने गिरे हुए पेड़ों के बीच बारिश में डांस किया था। वीडियो शेयर किया तो उस पर यूजर्स ने एक्ट्रेस की खूब आलोचना की थी।
- साल 2024 में दीपिका सिंह ने जैकलीन फर्नांडिस के गाने ‘यिम्मी यिम्मी’ पर एक डांस रील बनाकर शेयर किया। लेकिन इस पर उनका खूब मजाक उड़ाया गया था। तब कुछ लोगों ने तो यहां तक कह दिया था कि दीपिका को डांस करना छोड़ देना चाहिए।
- वहीं, 2024 में ही जब दीपिका सिंह ने सिंगर फाल्गुनी पाठक के गानों पर कुछ डांस वीडियोज शेयर किए, तो भी निशाने पर आ गईं। अजीबोगरीब डांस स्टेप देख लोगों ने उन्हें ‘अंटेशन सीकर’ बोल दिया था यानी वह ऐसा डांस सिर्फ लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए करती हैं।
दीपिका सिंह का करियर और डांस की ट्रेनिंग
प्रोफेशनल फ्रंट की बात करें, तो वह अभी टीवी शो ‘मंगल लक्ष्मी’ में नजर आ रही हैं। उन्होंने ‘दीया और बाती हम’ से अपना एक्टिंग करियर शुरू किया था और उस सीरियल से घर-घर मशहूर हो गई थीं। दीपिका सिर्फ एक्ट्रेस ही नहीं, बल्कि ओडिसी डांस में ट्रेंड हैं। उनके पास ओडिसी विशारद है। यानी उनके पास ओडिसी डांस में 2 साल की डिप्लोमा या ग्रेजुएशन की डिग्री है, जो अखिल भारतीय गंधर्व महाविद्यालय मंडल या प्राचीन कला केंद्र द्वारा दी जाती है।













