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  • Vijay Hazare Trophy 2025-26: शुभमन गिल से थी फॉर्म में वापसी की उम्मीद, 12 गेंद ही चली पारी, ऋषभ पंत भी फेल

    नई दिल्ली: व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपनी लगातार खराब फॉर्म के कारण टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम से शुभमन गिल को नाम गंवाना पड़ा है। अब सभी की निगाहें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर हैं, जिसमें गिल वनडे कप्तान के तौर पर टीम में दोबारा एंट्री कर रहे हैं। इससे पहले अपनी खराब


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    By Azad Hind Desk जनवरी 6, 2026
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    नई दिल्ली: व्हाइट बॉल क्रिकेट में अपनी लगातार खराब फॉर्म के कारण टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम से शुभमन गिल को नाम गंवाना पड़ा है। अब सभी की निगाहें न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज पर हैं, जिसमें गिल वनडे कप्तान के तौर पर टीम में दोबारा एंट्री कर रहे हैं। इससे पहले अपनी खराब फॉर्म को पाने के लिए गिल लगातार नेट्स पर कड़ी मेहनत में जुटे रहे हैं, लेकिन मंगलवार (6 जनवरी) को उनकी यह मेहनत काम नहीं आई है। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के अपने पहले मैच में शुभमन गिल पंजाब के लिए महज 11 रन की पारी खेलकर आउट हो गए हैं। इससे गिल की फॉर्म पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। उधर, खराब फॉर्म के कारण वनडे टीम इंडिया से बाहर निकलने के कगार पर पहुंच गए ऋषभ पंत का भी लापरवाह शॉट का सिलसिला जारी है। पंत एक बार फिर धुआंधार बल्लेबाजी करने के चक्कर में महज 24 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं।

    पिछले मैच की कसर पूरी करने की थी गिल से उम्मीद

    शुभमन गिल ने पंजाब के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के दो मैच में खेलने की तैयारी की थी। पिछले मैच में वे कोहरे के कारण समय पर मोहाली से जयपुर नहीं पहुंच सके थे। इसके चलते वे मैच में नहीं खेले थे। ऐसे में न्यूजीलैंड सीरीज से पहले उनके पास मैच प्रैक्टिस का इकलौता मौका गोवा के खिलाफ मैच में था। मंगलवार सुबह जब कोहरे के कारण यह मैच समय पर शुरू नहीं हो पाया तो लग रहा था कि गिल को बिना मैच खेले ही न्यूजीलैंड के खिलाफ उतरना होगा। हालांकि करीब डेढ़ घंटे बाद कोहरा उतरा और मैच शुरू हुआ। पंजाब ने पहले फील्डिंग की थी। ऐसे में गिल के पास स्थानीय मौसम और पिच का मिजाज भांपने का भरपूर मौका था। लेकिन बैटिंग के दौरान ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे पिच को समझ पाए हैं।

    चूकते रहे और फिर विकेट गंवा बैठे

    गिल छोटे से टारगेट का पीछा करने के लिए प्रभसिमरन सिंह के साथ ओपनिंग करने उतरे। गोवा ने 211 रन बनाए थे और पंजाब को 212 रन जीत के लिए बनाने थे। गोवा के तेज गेंदबाज कौशिक ने प्रभसिमरन सिंह (11 गेंद में 2 रन) को तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर महज 8 रन के स्कोर पर वापस भेज दिया। गेंद बेहद स्विंग हो रही थी, जिसके चलते गिल भी चूक रहे थे। चौथा ओवर बीता और अर्जुन तेंदुलकर पर हाथ खोलने की कोशिश की। इसके बाद 5वें ओवर में कौशिक ने फिर से अपनी स्विंग से पहली ही गेंद पर गिल को चौंका दिया और वे सुयश को कैच थमा बैठे। गिल ने 12 गेंद में 11 रन की पारी खेलते हुए 2 चौके लगाए थे।

    पंत पर भारी पड़ी छक्कों की बौछार की ख्वाहिश

    इस बार विजय हजारे ट्रॉफी में जमकर छक्कों की बौछार देखने को मिली है। रेलवे के खिलाफ मैच में दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत जब पिच पर आए तो उनके दिमाग में भी शायद कुछ ऐसा ही नजारा स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को दिखाने का था। रेलवे महज 179 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी और दिल्ली को 180 रन बनाने थे। पंत जब आए तो प्रियांश आर्य के 41 गेंद में धुआंधार 80 रन की बदौलत दिल्ली का स्कोर 2 विकेट पर 126 रन था यानी जीत लगभग तय हो चुकी थी। इसके चलते पंत ने पिच पर ठहरने की बजाय अगले 4-5 ओवर में ही जीत दिलाने की ठान ली। पंत ने 9 गेंद में 24 रन बनाए, जिसमें महज 1 चौका उनके बल्ले से निकला और उन्होंने 3 लंबे छक्के लगाए। आरके चौधरी ने उनकी जल्दबाजी को परखा और अपनी ही गेंद पर कैच लपककर उन्हें पवेलियन लौटा दिया। विजय हजारे ट्रॉफी के इस सीजन में पंत का बल्ला 70 रन और 37 गेंद में 67 रन की दो पारी के अलावा खामोश ही रहा है, जिसके चलते उनके ऊपर लगातार सवाल उठ रहे हैं। अब उन्होंने सवाल उठाने वालों को एक और मौका दे दिया है।

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