विमेंस प्रीमियर लीग 2026 के बचे हुए ग्रुप मैच
दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जायंट्स- 27 जनवरी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम यूपी वॉरियर्स- 29 जनवरी
मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात जायंट्स- 30 जनवरी
दिल्ली कैपिटल्स बनाम यूपी वॉरियर्स- 1 फरवरी
मुंबई इंडियंस
हरमनप्रीत कौर की मुंबई इंडियंस को सिर्फ एक ही मैच खेलना है। टीम का सामना 30 जनवरी को गुजरात जायंट्स से होगा। गुजरात के खिलाफ टीम ने अभी तक अपने सभी 8 मैच जीते हैं। गुजरात के खिलाफ जीत से मुंबई के प्लेऑफ में जाने की संभावना काफी बढ़ जाएगी। टीम के नेट रन रेट भी प्लेऑफ की रेस में शामिल चारों टीमों में सबसे बेहतर है। अगर मुंबई इस मैच को हार जाती है तो उनसे उम्मीद करना होगा कि दिल्ली अपने दोनों मैच हार जाए। इसके साथ ही यूपी को आरसीबी के खिलाफ हार मिली। इससे मामले नेट रन रेट पर आ जाएगा और मुंबई यहां पर बाजी मार सकता है।
दिल्ली कैपिटल्स
दिल्ली कैपिटल्स के लिए समीकरण काफी आसान है। उसने अगर अपने दोनों ही मैचों में जीत हासिल कर ली तो प्लेऑफ में जाना तय हो जाएगा। इसके साथ ही आरसीबी अपने बचे हुए मैच हार गई है तो 10 पॉइंट के साथ दिल्ली टेबल में टॉप पर भी फिनिश कर सकती है। अगर दोनों को दोनों मैचों में हार मिली तो उसे उम्मीद करना होगा कि गुजरात मुंबई को हरा दे जबकि यूपी को आरसीबी के खिलाफ हार मिल जाए। इस स्थिति में नेट रन से दिल्ली का काम बन सकता है।
अगर टीम को एक भी जीत मिलती है तो भी मौका रहेगा। टीम 8 पॉइंट तक पहुंच जाएगी। दिल्ली के नेट रन रेट गुजरात और यूपी से बेहतर है। इस स्थिति में उनके पास प्लेऑफ में जाने का मौका रहेगा।
गुजरात जायंट्स
गुजरात जायंट्स के 6 मैचों में 6 पॉइंट हैं। उसे मुंबई और दिल्ली से खेलना है। दोनों मैचों में जीत के बाद टीम प्लेऑफ में आसानी से चली जाएगी। अगर मुंबई के खिलाफ भी टीम जीत हासिल करती है तो भी प्लेऑफ में पहुंचने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगा। हालांकि मुंबई के खिलाफ हार और दिल्ली के खिलाफ जीत की स्थिति में मामला नेट रन रेट का फंस जाएगा। यहां गुजरात को दिक्कत हो सकती है क्योंकि वह मुंबई और दिल्ली से पीछे है।
यूपी वॉरियर्स
यूपी वॉरियर्स को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा मेहनत करनी होगी। उसे अपने दोनों मैच जीतने के साथ ही उम्मीद करना होगा कि बाकी टीमों को बड़ी हार मिली। अगर यूपी एक मैच को अपने नाम करती है तो गुजरात को अपने दोनों मैचों में जीतना होगा। इस स्थिति में मुंबई, दिल्ली और यूपी के 6-6 रहेंगे। हालांकि खराब नेट रन रेट की वजह से इसके बाद भी यूपी का काम बिगड़ सकता है।













