• Business
  • अडानी ग्रुप को ₹1.1 लाख करोड़ का झटका, 13% तक गिरे शेयर, जान लीजिए वजह

    नई दिल्ली: देश के तीसरे बड़े औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप के शेयरों में आज भारी गिरावट आई। खासकर अडानी ग्रीन, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी एनर्जी और अडानी पोर्ट्स में 13% तक गिरावट रही। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने एक अमेरिकी अदालत से गौतम अडानी और सागर अडानी को सीधे ईमेल से समन भेजने


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk जनवरी 23, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: देश के तीसरे बड़े औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप के शेयरों में आज भारी गिरावट आई। खासकर अडानी ग्रीन, अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी एनर्जी और अडानी पोर्ट्स में 13% तक गिरावट रही। अमेरिका के सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने एक अमेरिकी अदालत से गौतम अडानी और सागर अडानी को सीधे ईमेल से समन भेजने की इजाजत मांगी है। रॉयटर्स ने कोर्ट की फाइलों के हवाले से यह खबर दी है। इस गिरावट के चलते ग्रुप की 10 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप एक दिन में 1.1 लाख करोड़ रुपये घटकर 12.45 लाख करोड़ रुपये रह गया।

    अडानी ग्रीन के शेयर 13% गिरकर 785 रुपये प्रति शेयर पर आ गए। वहीं ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर 9% से अधिक लुढ़ककर 1886.80 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गए। यह इसका 52 हफ्ते का न्यूनतम स्तर है। अडानी पोर्ट्स के शेयर भी करीब 8% गिरकर 1295.40 रुपये पर आ गए जबकि अडानी एनर्जी के शेयर 11% फिसलकर 822.15 रुपये पर आ गए। अडानी ग्रुप के अन्य सभी शेयरों अंबुजा सीमेंट, ACC और अडानी टोटल गैस में भी गिरावट रही।

    LIC ने अडानी के दो शेयरों में घटाई हिस्सेदारी, GQG ने की मुनाफावसूली, जानिए वजह

    क्या है मामला?

    SEC ने अदालत को बताया कि भारत ने पहले दो बार आधिकारिक तरीकों से समन भेजने के अनुरोध को ठुकरा दिया था। यह मामला अमेरिका में भारत के किसी औद्योगिक ग्रुप से जुड़ा सबसे बड़ा कानूनी मामला है। अमेरिकी रेगुलेटर पिछले साल से ही अडानी ग्रुप के फाउंडर गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को समन भेजने की कोशिश कर रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक SEC का कहना है कि उसे मौजूदा तरीकों से समन भेजने में सफलता मिलने की उम्मीद नहीं है। इसलिए उसने अदालत से सीधे ईमेल के जरिए समन भेजने की मंजूरी मांगी है।

    हालांकि अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रुप ने इन्हें बेबुनियाद बताया है और कहा है कि वे अपना बचाव करने के लिए हर कानूनी रास्ते का इस्तेमाल करेंगे। ग्रुप ने इस नई SEC फाइलिंग पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की। कानून मंत्रालय ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। मंत्रालय ने पहले इस मामले को निजी संस्थाओं और अमेरिका के बीच का कानूनी मामला बताया था।

    Navbharat Timesस्टॉक मार्केट में गिरावट के बीच 13% तक उछले अडानी ग्रुप के शेयर, जान लीजिए वजह

    क्या हैं आरोप?

    नवंबर 2024 में सामने आए आरोपों के मुताबिक अडानी ग्रुप के अधिकारियों ने बिजली खरीद समझौतों को हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को रिश्वत दी थी। SEC की शिकायत में यह भी कहा गया है कि अधिकारियों ने अमेरिकी निवेशकों को कंपनी की भ्रष्टाचार-विरोधी प्रथाओं के बारे में गलत जानकारी देकर गुमराह किया।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।