आपको क्या होगा फायदा?
रिपोर्ट्स के मुताबिक,(REF.) भारत सरकार की इन कोशिशों का सबसे बड़ा फायदा भारतीय यात्रियों को मिलेगा। दरअसल फिलहाल अगर पर्यटक विदेश जाते हैं, तो उन्हें करेंसी एक्सचेंज या ज्यादा ट्रांजेक्शन चार्ज वाले कार्ड्स का इस्तेमाल करना पड़ता है। वहीं अगर Alipay+ ऐप के साथ UPI का ऑप्शन जुड़ जाता है, तो भारतीय पर्यटक उन तमाम देशों में सीधे UPI से पेमेंट कर सकेंगे, जहां भी Alipay+ ऐप का नेटवर्क मौजूद है।
इसके लिए लोगों को सिर्फ अपने UPI ऐप में UPI ग्लोबल को एक्टिवेट करना होगा, जो कि काफी आसान होता है। बता दें कि Alipay+ ऐप 100 देशों में उपलब्ध है। अगर बात बनती है, तो भारत का UPI ग्लोबल स्तर पर काफी ताकतवर हो जाएगा। इसके साथ ही लोग भी भारतीय रुपयों में विदेशों में लेन-देन कर पाएंगे।
सुरक्षा और डेटा की चुनौती
UPI और Alipay+ ऐप का मिल जाना फायदेमंद जरूर लग रहा है, लेकिन इसे लेकर सुरक्षा और डेटा से जुड़े कई सवाल भी खड़े होते हैं। दरअसल Alipay+ ऐप चीनी फिनटेक दिग्गज एंट ग्रुप (Ant Group) का प्रोडक्ट है। इसके चलते सरकार सुरक्षा और डेटा प्राइवेसी को लेकर काफी सतर्क है।
रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी सूत्रों का कहना है कि कुछ भी फाइनल होने से पहले देश के डिजिटल बुनियादी ढांचे और नागरिकों के डेटा की सुरक्षा की पूरी तरह जांच की जाएगी। बता दें कि 2020 से भारत ने चीनी निवेश पर कड़े नियम लागू किए थे। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट को फाइनल होने से पहले कड़े नियमो को पूरा करना पड़ेगा।
सुधरते रिश्तों का परिणाम
Alipay+ ऐप के साथ UPI को लिंक करने की खबर उस समय आई है, जब भारत और चीन के रिश्तों के बीच सुधार देखे जा रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद से दोनों देशों ने धीरे-धीरे एक दूसरे की ओर हाथ बढ़ाना शुरू किया है। कुछ समय पहले ही दोनों देशों के बीच सीधी कमर्शियल उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं। इसके साथ ही चीनी प्रोफेशनल्स के लिए वीजा नियमों में भी ढील दी गई है। Alipay+ ऐप के साथ UPI को लिंक करना भी इन्हीं सुधरते रिश्तों की वजह माना जा रहा है।













