इससे पहले गृह मंत्रालय लुटियंस दिल्ली के रायसीना हिल्स स्थित नॉर्थ ब्लॉक परिसर से बाहर स्थानांतरित हो चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि यह उद्घाटन भारत की प्रशासनिक शासन संरचना में मील का पत्थर है और यह आधुनिक, कुशल, सुलभ एवं जन-केंद्रित शासन प्रणाली के निर्माण के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय हैं, जो पहले अलग-अलग स्थानों पर स्थित थे। कर्तव्य भवन 1 और 2 में कानून, रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कृषि और कई अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थित हैं। सरकार की योजना नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में इन प्रतिष्ठित इमारतों को ‘युग युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ में परिवर्तित करने की है जो भारत की सभ्यतागत यात्रा को दर्शाने वाला एक विश्व स्तरीय संग्रहालय होगा। जब नई दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी बनाया गया था तब उसका केंद्र रायसीना हिल परिसर था, जिसमें भव्य वायसरॉय हाउस (अब राष्ट्रपति भवन) और नॉर्थ ब्लॉक एवं साउथ ब्लॉक शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि 2014 से मोदी सरकार भारत के औपनिवेशिक अतीत से जुड़े प्रतीकों से दूर जाने और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय को अब सेवा तीर्थ कहा जाएगा, केंद्रीय सचिवालय भवनों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया है और राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है। इसी क्रम में रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया जा चुका है, जहां प्रधानमंत्री का आवास स्थित है। राजभवन तथा राज निवास का नाम क्रमशः लोक भवन और लोक निवास रखा गया है।














