सवाल नंबर-1 : चीन ने क्या फैसला लिया है?
जवाब : द इन्फर्मेशन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन में अपनी कुछ बड़ी टेक कंपनियों को एनवीडिया के एच200 एआई चिप्स के नए ऑर्डर नहीं करने को कहा है। रिपोर्ट के अनुसार, फैसले की एक वजह यह हो सकती है कि चीनी कंपनियों को अमेरिकी कंपनी के चिपों का ढेर लगाने से रोका जाए, क्योंकि ड्रैगन इससे जुड़े नियम तय करने जा रहा है।
सवाल नंबर-2 : चीन ने क्याें लिया फैसला?
जवाब : Ts2tech की रिपोर्ट कहती है कि अमेरिकी एआई चिपों को सीमित करके चीन अपनी स्वदेशी एआई चिपों को बढ़ावा देने के बारे में सोच रहा है। चीन के विदेश मंत्रालय से आई प्रतिक्रिया में इसके संकेत दिखते हैं, जिसका कहना है कि चीन अपने डेवलपमेंट को अपनी ताकत से बढ़ाना चाहता है।
सवाल नंबर-3 : एनवीडिया के कितना बड़ा झटका?
जवाब : रिपोर्टों के अनुसार, एनवीडिया को उम्मीद थी कि चीनी कंपनियों को चिप सप्लाई करके वह बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाएगी, लेकिन अगर चीन नए ऑर्डर्स रोकता है तो इसका सीधा असर कंपनी पर होगा।
सवाल नंबर-4 : इतनी महत्वपूर्ण क्यों है H200 एआई चिप?
जवाब : एनवीडिया की वेबसाइट के अनुसार, H200 GPU को जेनरेटिव एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग से जुड़े वर्कलोड्स हैंडल करने के लिए बनाया गया है। मेमोरी क्षमताओं के मामले में यह एआई चिप गेम चेंजिंग हो सकती है। यह HBM3E से पैक फर्स्ट जीपीयू है। आसान भाषा में समझाएं तो जेनरेटिव एआई और लार्ज लैंग्वेज मॉडलों जैसे- चैटजीपीटी और डीपसीक के लिए इसकी बहुत अहमियत है। H200 GPU के जरिए किसी भी एआई प्रोडक्ट की परफॉर्मेंस और उसकी यादाश्त को फास्ट करने में मदद मिलेगी।
सवाल नंबर-5 : क्या चीन के पास H200 जैसी एआई चिप है?
जवाब : यह कहना सीधे तौर पर मुश्किल है कि चीन के पास H200 जैसी एआई चिप है। हालांकि उसकी प्रमुख टेक कंपनी हुवावे की Ascend 910B/910C चिप को इसके मुकाबले माना जाता है। रायटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनवीडिया की ताकत उसकी चिप के अलावा सीयूडीए सॉफ्टवेयर सिस्टम की भी है, जिनके तालमेल से डेवलपर्स को पूरा पैकेज मिल जाता है। यही वजह है कि कंपनियां एनवीडिया को प्राथमिकता देती हैं और चीनी चिप को लेकर उनमें भरोसा कायम नहीं हो पा रहा।














