अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। जेफरीज का कहना है कि इससे अडानी ग्रुप की कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। घरेलू ब्रोकरेज फर्म एंटीक ने भी अडानी पावर और अडानी पोर्ट्स को उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल किया है जिन्हें अमेरिका के साथ डील से सबसे ज्यादा फायदा होगा। विदेशी निवेशकों ने पिछले 16 महीनों में भारतीय शेयरों में करीब 34 अरब डॉलर की बिकवाली की है।
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किसे होगा फायदा?
जेफरीज के एनालिस्ट महेश नंदुरकर ने कहा कि ट्रेड डील पर निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता अब खत्म हो गई है। अमेरिका भारत के लिए सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है। इस डील से रियल एस्टेट, टेलीकॉम, ट्रांसपोर्टेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज और हेल्थकेयर सेक्टर को फायदा मिल सकता है। साथ ही कैपिटल गुड्स, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी सर्विसेज और पावर यूटिलटीज भी फायदे में रहेंगे।













