अब्दुल बासित ने एक वीडियो में कहा है, ‘मुनीर ने ट्रंप को बॉक्स में भरकर दुर्लभ मिनरल्स ऑफर किए लेकिन अमेरिका ने पाकिस्तान को ग्लोबल मिनरल्स कॉन्फ्रेंस में बुलाया तक नहीं है। दूसरी ओर अमेरिका ने भारत को बुलावा भेजा है। 4 फरवरी को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इस कॉन्फ्रेंस के लिए वॉशिंगटन में होंगे। यह इसलिए हैरत में डालता है क्योंकि मिनिरल को लेकर पाकिस्तान का यूएस के साथ एग्रीमेंट हुआ है। वहीं भारत से अमेरिका के संबंध फिलहाल अच्छे नहीं हैं।’
असीम मुनीर की कोशिश नाकाम!
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और पीएम शहबाज शरीफ ने बीते साल सितंबर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी। इस दौरान मुनीर ने ट्रंप को बलूचिस्तान के रेयर अर्थ मिनरल्स का बॉक्स दिया था। इस डिब्बे में कथित तौर पर बास्टनेसाइट और मोनाजाइट जैसे खनिज थे। इसके बाद अमेरिका का खनिजों पर पाकिस्तान के साथ एक समझौता हुआ।
वाइट हाउस ने ट्रंप की शरीफ और मुनीर के साथ इस मीटिंग के फोटो जारी किए थे। इन तस्वीरों में लकड़ी के डिब्बे वाले फोटो ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा था। ट्रंप इस डिब्बे को बेहद गौर से देख रहे थे और मुनीर उनको कुछ समझाते दिखे थे। इस तस्वीर के बाद माना गया था कि पाकिस्तान ने अमेरिका को मिनरल्स का लालच देकर फंसा लिया है।
पाकिस्तान के लिए शर्मिंदगी का सबब
पाकिस्तान को अमेरिका की ओर से ग्लोबल मिनरल कॉन्फ्रेंस का न्योता ना मिलना दिखाता है कि रंग-बिरंगे पत्थरों को रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) बताकर डोनाल्ड ट्रंप को लुभाने का दांव शायद फेल हो गया है। पाकिस्तानी राजनयिक बासिता का दावा अगर सही है तो यह मुनीर और शहबाज दोनों के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी का सबब है।















