• Business
  • अमेरिका में लगातार बढ़ रहा है कर्ज का संकट, रेकॉर्ड पर पहुंचा बुजुर्गों पर सरकार का खर्च

    नई दिल्ली: अमेरिका में कर्ज की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। फेडरल गवर्नमेंट का कर्ज 37 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है। बुजुर्गों के लिए चलाए जा रहे सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम्स पर फेडरल गवर्नमेंट का खर्च जीडीपी का रेकॉर्ड 9.4 फीसदी पहुंच चुका है। 1980 के दशक में यह करीब 6 फीसदी


    Azad Hind Desk अवतार
    By Azad Hind Desk फरवरी 23, 2026
    Views
    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement
    नई दिल्ली: अमेरिका में कर्ज की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। फेडरल गवर्नमेंट का कर्ज 37 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है। बुजुर्गों के लिए चलाए जा रहे सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम्स पर फेडरल गवर्नमेंट का खर्च जीडीपी का रेकॉर्ड 9.4 फीसदी पहुंच चुका है। 1980 के दशक में यह करीब 6 फीसदी थी और तब से इसमें लगभग 56 फीसदी तेजी आई है। अगले 10 साल में इसके जीडीपी का 11 फीसदी पहुंचने का अनुमान है।

    इसकी वजह यह है कि अमेरिका में हेल्थकेयर का खर्च बढ़ता जा रहा है। साथ ही देश में उम्रदराज लोगों की संख्या भी बढ़ रही है और लोग ज्यादा उम्र तक जी रहे हैं। देश में लाइफ एक्सपेंक्टेंसी 80 साल के करीब पहुंच चुकी है। इसका मतलब है कि रिटायरमेंट के बाद लोग अब ज्यादा बेनिफिट ले रहे हैं। इंटरेस्ट पेमेंट्स और बुजुर्गों के लिए चलाए जा रहे सोशल सिक्योरिटी प्रोग्राम की बजट डेफिसिट में सबसे ज्यादा भूमिका है। माना जा रहा है कि यही हाल रहा और सुधार नहीं किए गए तो साल 2032 तक अमेरिका में बुजुर्गों को सोशल सिक्योरिटी का पूरा पैसा मिलना बंद हो सकता है।

    भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड एग्रीमेंट पर होने बैठक टली, US सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या बदल गए हालात?

    बजट घाटा

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट ने अवैध करार दिया है। इससे अमेरिका में कर्ज की स्थिति और बदतर हो सकती है। ट्रंप ने कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। इससे अब सरकार की कमाई बढ़ने लगी थी। जनवरी में बजट घाटा पिछले साल के मुकाबले 26% गिरकर 95 अरब डॉलर रहा। फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले चार महीनों में सरकार का बजट घाटा पिछले साल के मुकाबले 17% घटकर 697 अरब डॉलर रह गया था।

    728 x 90 Advertisement
    728 x 90 Advertisement
    300 x 250 Advertisement

    हर महीने  ₹199 का सहयोग देकर आज़ाद हिन्द न्यूज़ को जीवंत रखें। जब हम आज़ाद हैं, तो हमारी आवाज़ भी मुक्त और बुलंद रहती है। साथी बनें और हमें आगे बढ़ने की ऊर्जा दें। सदस्यता के लिए “Support Us” बटन पर क्लिक करें।

    Support us

    ये आर्टिकल आपको कैसा लगा ? क्या आप अपनी कोई प्रतिक्रिया देना चाहेंगे ? आपका सुझाव और प्रतिक्रिया हमारे लिए महत्वपूर्ण है।