AAIB ने कहा जांच अभी भी चल रही है। अभी कोई आखिरी नतीजा नहीं निकला है। उन्होंने संयम बरतने और समय से पहले कोई अंदाजा लगाने से बचने की अपील की। AAIB के मुताबिक, इससे लोगों में बेचैनी हो सकती है और जांच की ईमानदारी कमजोर हो सकती है।
फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट आना बाकी
AAIB ने कहा कि वह एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियम 2025 और ICAO एनेक्सर 13 के तहत भारत की जिम्मेदारियों के तहत सख्ती से जांच करता है। जुलाई 2025 में जारी शुरुआती रिपोर्ट में उस समय मौजूद सिर्फ सही जानकारी दी गई थी। फाइनल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट, जिसमें नतीजे और सुरक्षा सुझाव होंगे, पूरी होने पर पब्लिश की जाएगी।
US एक्सपर्ट्स ने क्या कहा था, जानें
इससे पहले इटली के डेली अखबार कोरिएरे डेला सेरा ने बिना नाम बताए सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया था कि जांच करने वालों ने तय किया है कि क्रैश किसी टेक्निकल खराबी के बजाय ‘जानबूझकर की गई हरकत’ की वजह से हुआ था, और कैप्टन सुमीत सभरवाल को मुख्य संदिग्ध बताया गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जांच में मदद कर रहे US एक्सपर्ट्स ने इन नतीजों को एक बड़ी कामयाबी बताया।
इयर इंडिया का प्लेन हुआ था क्रैश
AAIB ने जोर देकर कहा कि ऐसी रिपोर्ट अंदाज पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट की जांच टेक्निकल, सबूतों पर आधारित प्रोसेस है जिसका मकसद असली वजहों का पता लगाना और सेफ्टी बढ़ाना है। एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही क्रैश हो गया। इसमें 260 लोग मारे गए, जिनमें यात्री और मेडिकल स्टूडेंट्स के हॉस्टल में रहने वाले लोग भी शामिल थे, जहां एयरक्राफ्ट गिरा था।













