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  • आ गया MiG-29 का रिप्लेसमेंट, रूस ने बताया कब भरेगा पहली उड़ान, भारत खरीदेगा Su-75 चेकमेट?

    मॉस्को: रूस ने अपने पांचवीं पीढ़ी के नए लड़ाकू विमान Su-75 चेकमेट की पहली उड़ान को लेकर बड़ा ऐलान किया है। यह विमान 20256 के अंत तक पहली उड़ान भर सकता है। इसे रूस के पुराने MiG-29 के रिप्लेसमेंट के तौर पर विकसित किया गया है। हालांकि Su-75 चेकमेट पुराने MiG-29 से कई मायनों में


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    By Azad Hind Desk जनवरी 18, 2026
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    मॉस्को: रूस ने अपने पांचवीं पीढ़ी के नए लड़ाकू विमान Su-75 चेकमेट की पहली उड़ान को लेकर बड़ा ऐलान किया है। यह विमान 20256 के अंत तक पहली उड़ान भर सकता है। इसे रूस के पुराने MiG-29 के रिप्लेसमेंट के तौर पर विकसित किया गया है। हालांकि Su-75 चेकमेट पुराने MiG-29 से कई मायनों में खास है। यह न सिर्फ स्टील्थ टेक्नोलॉजी से लैस है, बल्कि अधिक शक्तिशाली रडार, वेपन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और एंटी रेडिएशन मिसाइल को भी ले जा सकता है। Su-75 चेकमेट की स्पीड और रेंज भी MiG-29 की तुलना में अधिक होने वाली है।

    Su-75 चेकमेट कब भरेगा पहली उड़ान

    इजवेस्टिया के अनुसार, रूस 2026 के दौरान Su-75 चेकमेट लाइट स्टील्थ फाइटर की पहली उड़ान का लक्ष्य बना रहा है, हालांकि अभी तक कोई तारीख कन्फर्म नहीं हुई है। अगर यह कन्फर्म हो जाता है, तो यह 2021 में एक फुल-स्केल मॉक-अप के रूप में सार्वजनिक रूप से पेश होने के बाद यह पहली बार उड़ान भरेगा। इससे यह भी पता चल सकेगा कि क्या रूस वैश्विक प्रतिबंधों और औद्योगिक दबाव के बावजूद भी नया हल्का लड़ाकू विमान बना सकता है या नहीं।

    Su-75 चेकमेट रूस का नया हवाई योद्धा

    Su-75 चेकमेट को अगस्त 2021 में MAKS एयर शो में आधिकारिक तौर पर एक फुल-स्केल मॉक-अप के रूप में पेश किया गया था। इसे एक लाइट टैक्टिकल एयरक्राफ्ट के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य भारी भरकम Su-57 का पूरक बनना और रूसी वायुसेना में शामिल MiG-29 बेड़े को बदलना था। शुरू में Su-75 चेकमेट को शुरू में निर्यात के उद्देश्य से भी विकसित किया गया था। इसे उन देशों की वायुसेनाओं के लिए तैयार किया गया है, जो कम लागत वाले लड़ाकू विमान की तलाश कर रही हैं, जिसका रडार सिग्नेचर कम हो और उसमें आधुनिक एवियोनिक्स भी हों।

    Su-75 चेकमेट के विकास में अड़चनें क्या हैं

    रूस को Su-75 चेकमेट के विकास में कई अड़चनों का भी सामना करना पड़ा है। इस कारण इस लड़ाकू विमान को विकसित करने के लिए तय समय से अधिक इंतजार करना पड़ रहा है। इसमें फंडिंग की कमी, व्यापक भू-राजनीतिक दबाव, रूस पर प्रतिबंध, यूक्रेन युद्ध अहम कारक हैं। Su-75 को कई दशकों में रूसी वायुसेना के लिए एक हल्के, सिंगल-इंजन टैक्टिकल फाइटर जेट के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में रूसी इंजीनियरों को इसे विकसित करने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है।

    Su-75 चेकमेट पर भारत की नजर

    भारत शुरू से ही Su-75 चेकमेट के विकास पर नजर बनाए हुए है। हालांकि, रूस ने भारत को Su-57 लड़ाकू विमान भी ऑफर किया है। भारत ने अभी तक रूसी Su-57 के अधिग्रहण को लेकर कोई भी बयान नहीं दिया है। कई रिपोर्टों में ऐसा बताया गया है कि भारत Su-75 चेकमेट के पूर्ण रूप से विकसित होने के बाद रूस से कुछ यूनिट की खरीद कर सकता है।

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