आज ‘सुकर्मा’ योग रहेगा, जो नए कार्यों की शुरुआत और यश-कीर्ति में वृद्धि के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अपने महत्वपूर्ण कार्यों के लिए दोपहर के समय अभिजीत मुहूर्त का लाभ उठाएं। आज रात्रि में होलिका दहन का पावन पर्व है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। राहुकाल के दौरान किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय या मानसिक तनाव से बचें और अपनी सहजता बनाए रखें। आज का दिन भक्ति और हर्षोल्लास के साथ नई सकारात्मक ऊर्जा के स्वागत के लिए उत्तम है।
महत्वपूर्ण विवरण
| तिथि | पूर्णिमा – सायं 05:07 बजे तक |
| योग | सुकर्मा – प्रातः 10:25 बजे तक |
| करण | बव – सायं 05:07 बजे तक |
| करण | प्रातः 04:54 बजे तक (4 मार्च) |
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
| सूर्योदय का समय | प्रातः 06:44 बजे |
| सूर्यास्त का समय | सायं 06:22 बजे |
| चंद्रोदय का समय | सायं 06:21 बजे |
| चंद्रास्त का समय | आज चंद्रास्त नहीं होगा |
समस्त नव ग्रहों की की राशियां (प्रात: 06: 00 बजे)
- सूर्य देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
- चन्द्र देव: सिंह राशि में स्थित हैं।
- मंगल देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
- बुध देव: कुंभ राशि में स्थित हैं।
- गुरु बृहस्पति: मिथुन राशि में स्थित हैं।
- शुक्र देव: मीन राशि में स्थित हैं।
- शनि देव: मीन राशि में स्थित हैं।
- राहु: कुंभ राशि में स्थित हैं।
- केतु: सिंह राशि में स्थित हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
| अभिजीत मुहूर्त | दोपहर 12:10 बजे से दोपहर 12:56 बजे तक |
| अमृत काल | प्रातः 01:13 बजे (4 मार्च) से प्रातः 02:49 बजे (4 मार्च) तक |
आज के अशुभ समय
| राहुकाल: | दोपहर 03:28 बजे से दोपहर 04:55 बजे तक |
| गुलिकाल | दोपहर 12:33 बजे से दोपहर 02:00 बजे तक |
| यमगण्ड | प्रातः 09:39 बजे से प्रातः 11:06 बजे तक |
आज का नक्षत्र
- आज चंद्रदेव मघा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
- मघा नक्षत्र: प्रातः 07:31 बजे तक
- सामान्य विशेषताएं: परंपरावादी, अधिकारप्रिय, अहंकार, सहज समृद्धि, क्रोधी स्वभाव, कामुक और उदारता
- नक्षत्र स्वामी: केतु देव
- राशि स्वामी: सूर्य देव
- देवता: पितृ (पूर्वज)
- प्रतीक: राजसिंहासन














