जय से विजय सेमिनार में सीडीएस अनिल चौहान
पुणे में जय से विजय सेमिनार के शुरुआती सेशन में बात करते हुए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि डिफेंस फोर्सेज के मामले में जीत को सिर्फ बयानबाजी के जरिए नहीं बताया जा सकता। जैसा कि हमारे पड़ोसी देश ने या वहां की कुछ संस्थाओं ने किया है। जीत को हमेशा सबूतों के जरिए दिखाया जाता है, जैसा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान दिखाया था।
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र
सीडीएस अनिल चौहान ने आगे कहा कि जीत का अहसास तबाह हुए आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर, खराब रनवे, खराब एयरफील्ड और खराब एयर डिफेंस सिस्टम से नहीं बनाया जा सकता। इस तरह की जीत या नारे टिकते नहीं हैं। असली जीत सबूतों से ही साबित होती है, न कि वेरिफाइड नतीजों में। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि अभी, अगले दशक के लिए भारत की डिफेंस पोजीशन को एक शांत सोच से बनाने और मजबूत की जरूरत है।
पड़ोसी मुल्क को जमकर सुनाया
सीडीएस चौहान ने कहा कि आगे क्या होने वाला है, किस तरह की चुनौतियां हैं, इसका आकलन करना भी जरूरी है। और मेरा मानना है कि यह तेजी से बहुत कॉम्पिटिटिव, टकराव वाला, लड़ाकू, नाजुक और टेक्नोलॉजी के हिसाब से बहुत डिसरप्टिव होता जा रहा है।














