लार्सन ने भारतीयों पर क्या कहा?
दस्तावेज के अनुसार, ‘रॉड-लार्सन ने 25 दिसम्बर 2025 को दोषी यौन अपराधी एपस्टीन को भेजे एक ईमेल का जवाब दिया, जिसमें लिखा था- ‘क्या आपने यह कहावत सुनी है: जब किसी भारतीय और सांप से सामना हो, तो भारतीय को पहले मार दो।’ लार्सन का ईमेल सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और लोग रेसिस्ट बयान की जमकर आलोचना कर रहे हैं। एक यूजर ने एक्स पर लिखा, यह बहुत ही घटिया है। वहीं एक अन्य ने लिखा, ‘वे सभी (पश्चिमी नेता) भारतीयों से नफरत करते हैं।’
टेर्जे रॉड-लार्सन कौन हैं?
रॉड-लार्सन एक नार्वे के सीनियर डिप्लोमैट हैं। वे नॉर्वे में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें इजरायल और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) के बीच 1990 में ओस्लो शांति समझौते में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है। वे साल 2004 से 2020 न्यूयॉर्क स्थित इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) के प्रेसिडेंट रहे थे, जो संयुक्त राष्ट्र से जुड़ा संगठन हैं। साल 2020 में इस खुलासे के बाद वह आलोचनाओं के घेरे में आ गए कि IPI ने एपस्टीन से जुड़ी संस्थाओं से चंदा लिया था। इसके बाद लार्सन ने पद से इस्तीफा दे दिया था। लार्सन ने एपस्टीन से पर्सनल लोन भी लिया था।
एपस्टीन कौन था?
- जेफरी एपस्टीन की पहचान एक फाइनेंसर के रूप में थी, जो अपने हाई-फाई इंटरनेशनल संबंधों के लिए जाना जाता था।
- जेफरी के खिलाफ 2005 में सबसे पहले जांच शुरू हुई, जब एक नाबालिग लड़के परिवार ने आरोप लगाया कि एपस्टीन के घर में उसका यौन उत्पीड़न हुआ।
- 2006 में अधिकारियों ने एपस्टीन पर नाबालिग के साथ गैर-कानूनी यौन संबंध के आरोप लगाए।
- साल 2008 में एपस्टीन ने यौन अपराध में शामिल होने के मामले में जुर्म कबूल किया।
- एपस्टीन को 18 महीने की सजा सुनाई गई लेकिन साल 2009 में उसे रिहा कर दिया।
- इसके बाद अगले 10 साल तक कई पीड़िताएं सामने आईं है और उन्होंने एपस्टीन के खिलाफ मुकदमे दायर किए।
- साल 2019 में एपस्टीन को सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
- उसी साल अगस्त में एपस्टीन को न्यूयॉर्क की संघीय जेल में संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। अधिकारियों ने उसकी मौत को आत्महत्या बताया।













