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  • इजरायल और पाकिस्तान की जुगलबंदी! अमेरिका में एक मंच पर बैठेंगे शहबाज और नेतन्याहू, मामला क्या है?

    इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार गाजा बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में शामिल होंगे। इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। इस बैठक में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल होंगे। यह पहली बार होगा, जब इजरायल और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक


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    By Azad Hind Desk फरवरी 12, 2026
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    इस्लामाबाद: पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार गाजा बोर्ड ऑफ पीस मीटिंग में शामिल होंगे। इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप करेंगे। इस बैठक में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल होंगे। यह पहली बार होगा, जब इजरायल और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री एक साथ किसी बैठक में मौजूद रहेंगे। इस पर पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने कहा है कि पीएम शहबाज और इशाक डार अच्छी नीयत से इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।

    ट्रंप के साथ बैठक करेंगे शहबाज?

    सूत्रों के अनुसार, इस बैठक के इतर व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक की भी संभावना है। हालांकि, इजरायल के साथ मंच साझा करने को लेकर पाकिस्तान ने सतर्क प्रतिक्रिया दी है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल मुख्य इंटरनेशनल मुद्दों पर अपना रुख दोहराने के लिए करना चाहता है, जिसमें फिलिस्तीन के लिए समर्थन, गाजा में तुरंत सीजफायर और अंतरराष्ट्रीय कानून के आधार पर एक टिकाऊ पॉलिटिकल सॉल्यूशन शामिल है।

    इजरायल की मौजूदगी पर पाकिस्तान ने क्या कहा

    पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी ने बोर्ड ऑफ पीस की बैठक में इजरायल की मौजूदगी के बारे में कहा: “गाजा बोर्ड ऑफ पीस में हिस्सा लेने का इजरायली प्रधानमंत्री का फैसला उनका अपना है। हम उनके फैसले पर कमेंट नहीं करते।” उन्होंने कहा, “हमने कभी भी प्रधानमंत्री के म्यूनिख, जर्मनी दौरे की घोषणा नहीं की है।”

    भारत के खिलाफ उगला जहर

    पाकिस्तानी प्रवक्ता ने इस दौरान भारत के खिलाफ भी जमकर जहर उगला। उन्होंने कहा,”क्रिकेट का पॉलिटिकलाइजेशन करना या इसे एक टूल के तौर पर इस्तेमाल करना अफसोस की बात है। भारत के खिलाफ न खेलने का हमारा फैसला यह पक्का करने के लिए था कि खेल को हथियार न बनाया जाए। भारत का इरादा क्रिकेट को बांग्लादेश के खिलाफ एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना था।”

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