अमीषा पटेल से जुड़ा से मामला करीब 10 साल पुराना है। बता दें कि 2017 में मुरादाबाद कोर्ट में एक मामला दाखिल किया गया था। शहर के एक इवेंट कंपनी की ओर से दाखिल शिकायत में कहा गया था कि साल 2017 में अमीषा पटेल ने मुरादाबाद में एक शादी समारोह में परफॉर्म करने के लिए 11 लाख रुपए फीस ली थी। फीस लेने के बावजूद अमीषा पटेल यहां परफॉर्म करने नहीं पहुंची थीं।
अमीषा पटेल ने शादी में परफॉर्म करने के लिए 11 लाख लिए थे
दरअसल, मुरादाबाद के इवेंट मैनेजर पवन वर्मा ने अपने एडवोकेट पंकज शर्मा के जरिए 2017 में मुरादाबाद कोर्ट में एक शिकायत दाखिल किया था। इवेंट कंपनी चलाने वाले पवन वर्मा का आरोप था कि 2017 में अमीषा पटेल ने मुरादाबाद में एक विवाह समारोह में परफॉर्म करने के लिए उनसे 11 लाख रुपए बतौर फीस ले रखी थी।
अमीषा दिल्ली से ही मुंबई लौट गईं और परफॉर्म नहीं किया
आरोप है कि फीस लेने के बाद अमीषा मुंबई से दिल्ली तक आ भी गई थीं लेकिन दिल्ली पहुंचकर उन्होंने दो लाख रुपए और कैश की डिमांड की। जिसे पूरा करने से इवेंट कंपनी ऑपरेटर ने इनकार कर दिया। आरोप है कि इसके बाद अमीषा दिल्ली से ही मुंबई लौट गईं और मुरादाबाद में प्रोग्राम में परफॉर्म करने नहीं आईं। इस घटना से परेशान होकर पवन वर्मा ने मुरादाबाद कोर्ट में अमीषा पटेल और उनकी टीम के खिलाफ मामला दायर कर दिया था।
दो साल पहले मुरादाबाद आकर अमीषा पटेल ने अपनी जमानत करा ली थी
एक्ट्रेस के खिलाफ मुरादाबाद कोर्ट में धारा 120-B, 406,504 और 506 आईपीसी के तहत केस चल रहा हैं। करीब दो साल पहले मुरादाबाद आकर अमीषा पटेल ने अपनी जमानत भी करा ली थी। लेकिन आरोप है कि इसके बाद अमीषा पटेल ने जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने फिर से उनका गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। एडवोकेट पंकज शर्मा का कहना है कि अमीषा पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए कोर्ट ने उन्हें 27 मार्च को तलब किया है।
राजपाल यादव को मिली जमानत
बता दें कि राजपाल यादव की जमानत याचिका की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई। आज 16 फरवरी को उन्हें राजपाल यादव को कोर्ट से जमानत मिल गई है। एक्टर को 18 मार्च तक के लिए जमानत मिली है। कोर्ट के पिछले निर्देश के तहत एक्टर ने 1.5 करोड़ रुपये अदा कर दिए हैं। बता दें कि राजपाल यादव ने 2010 में अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता-पता लापता’ बनाने के लिए ‘मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी से पांच करोड़ रुपए का लोन लिया था, जिसके बदले उन्हें 8 करोड़ चुकाना था। इसपर पैनल्टी लगने की वजह से ये आंकड़े 9 करोड़ तक पहुंच गए थे।













