तालिबान के दुश्मन माने जाने वाले अमरुल्लाह सालेह ने काबुल में तालिबान शासन आने के बाद अफगानिस्तान छोड़ दिया था। सालेह ने रविवार को एक्स पर लिखा, ‘पाकिस्तान के अधिकारियों का दावा है कि कि उन्होंने 6 फरवरी को इस्लामाबाद में हुए आतंकवादी हमले के मास्टरमाइंड को पकड़ लिया है। अगर यह सच है तो फिर उनको आगे बढ़ना चाहिए।’
पाकिस्तान सेना इस्लामाबाद के हमलावरों को पकड़े
सालेह ने आगे लिखा, ‘पाकिस्तान अपनी फौज को दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में मानता है। आपको पास बड़ी सेना है और इस्लामाबाद में नमाज पढ़ने वालों को मारने वालों के सबूत भी हैं। ऐसा है तो फिर वह हमलावर कहीं भी हो, उनका पीछा करें और उनको पकड़ें। ये मौका है कि बंदूकें गुस्सा दिखाएं ना कि ट्वीट करें। अगर आप इस हमले के गुनाहगारों को नहीं पकड़ते तो फिर इतनी बड़ी सेना का कोई फायदा नहीं है।’
पाकिस्तान की राजधानी शुक्रवार को इस्लामाबाद में हुए आत्मघाती बम धमाके में 36 लोग मारे गए हैं। शिया मस्जिद में हुए इस हमले में 160 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली है। वहीं पाकिस्तान के जांच अधिकारियों और सरकार के लोगों की ओर से दावा किया जा रहा है कि खुकदुश हमलावर ने अफगानिस्तान में आतंकी बनने की ट्रेनिंग ली थी।
अफगानिस्तान सरकार ने भी दिया बयान
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इस्लामाबाद मस्जिद हमले से जुड़े पाकिस्तान के आरोपों को खारिज किया है। अफगानिस्तान ने कहा है कि इस घटना में उनके देश का नाम घसीटना पाकिस्तान सरकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दिखाता है। अफगानिस्तान का बयान पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के आरोप के बाद आया है, जिसमें उन्होंने हमलावर के अफगानिस्तान जाने की बात कही थी।
अफगान नेशनल डिफेंस मिनिस्ट्री ने अपने बयान में कहा, ‘ख्वाजा आसिफ ने बिना जांच के तुरंत और गैर-जिम्मेदाराना तरीके से अफगानिस्तान को दोषी ठहरा दिया। ऐसे हमलों को अफगानिस्तान से जोड़ना तर्कहीन है। अफगानिस्तान की ओर से सवाल किया गया है कि अगर घटना के तुरंत बाद उन्होंने हमलावरों की पहचान कर ली तो फिर तो वे इसे पहले क्यों नहीं रोक पाए।













