ईरान ने क्या कहा
गार्ड्स के एक बयान के हवाले से कहा गया है, “अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन पर चार बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला हुआ।” इसमें आगे चेतावनी दी गई कि “जमीन और समुद्र तेजी से आतंकवादी हमलावरों की कब्रगाह बनते जाएंगे।” जनवरी में, अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और तीन गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर ईरान के नजदीक पहुंचे थे। इससे पहले इन्हें चीन के करीब तैनात किया गया था।
ईरान के शीर्ष सैन्य अधिकारी की भी मौत
ईरान पर किए गए अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मौसवी की मौत हो गई। यह जानकारी देश के सरकारी टीवी चैनल इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) ने रविवार को दी। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस हमले में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रमुख कमांडर मोहम्मद पाकपुर, देश की रक्षा परिषद के सचिव अली शमखानी और रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह भी मारे गए। इस घटना से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव तेजी से बढ़ गया है।
ईरान ने खामेनेई की मौत का बदला लेने की कसम खाई
आईडीएफ के अनुसार, यह ऑपरेशन इजरायली एयरफोर्स (आईएएफ) ने तब अंजाम दिया, जब सैन्य खुफिया निदेशालय ने तेहरान में दो अलग-अलग स्थानों की पहचान की, जहां ईरान के उच्च पदस्थ सुरक्षा अधिकारी एकत्र थे। इस बीच आईआरजीसी ने सरकारी टेलीविजन की ओर से सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद हत्यारों को दंडित करने की कसम खाई है और अमेरिका तथा इजरायल के खिलाफ इतिहास का सबसे उग्र आक्रामक अभियान चलाने का वादा किया है।
आईआरजीसी ने जारी किया बयान
अपने आधिकारिक टेलीग्राम पेज पर जारी एक बयान में आईआरजीसी ने कहा, “खामेनेई के हत्यारों को नहीं छोड़ेंगे।”आईआरजीसी, सशस्त्र बल और बसीज बल अपने नेता की विरासत की रक्षा के मार्ग पर मजबूती से आगे बढ़ते रहेंगे, आंतरिक और बाहरी साजिशों के खिलाफ डटे रहेंगे और इस्लामी मातृभूमि के खिलाफ आक्रामकता करने वालों को सबक सिखाने वाली सजा देंगे।












