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  • ईरान की सबसे बड़े हमले की धमकी पर ट्रंप का पलटवार, कहा- ऐसा करेंगे जो कभी देखा न होगा

    वॉशिंगटन: अमेरिकी और इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद मिडिल ईस्ट सुलग उठा है। ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगियों के खिलाफ हमले शुरू किए हैं। इस बीच अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी दी है, जिसमें तेहरान पर ऐसा हमला करने


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    By Azad Hind Desk मार्च 1, 2026
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    वॉशिंगटन: अमेरिकी और इजरायली हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के मारे जाने के बाद मिडिल ईस्ट सुलग उठा है। ईरान ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका के सहयोगियों के खिलाफ हमले शुरू किए हैं। इस बीच अमेरकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नई धमकी दी है, जिसमें तेहरान पर ऐसा हमला करने की बात कही है जो कभी नहीं देखा गया होगा। ट्रंप की धमकी तेहरान से IRGC के बयान के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ईरान अपना सबसे बड़ा हमला करेगा। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल पर ऐसा कोई हमला हुआ तो ईरान को बहुत बड़ी ताकत का सामना करना पड़ेगा।

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान ने अभी कहा है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करेंगे, जैसा पहले कभी नहीं हुआ। हालांकि, बेहतर होगा कि वे ऐसा न करें, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे, जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी।’ इसके पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने धमकी दी थी कि खामेनेई के हत्यारों (अमेरिका और इजरायल) को सजा देने के लिए ईरान के इतिहास का सबसे भयानक हमला किया जाएगा।

    ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत

    ईरान के सुप्रीम लीडर अमेरिका और इजरायल के हमले में शनिवार को मारे गए थे। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह इसकी पुष्टि करते हुए बताया सुप्रीम लीडर को तेहरान में तब शहीद किया गया बनाया गया, जब वे अपनी ड्यूटी कर रहे थे। खामेनेई के साथ कई शीर्ष अधिकारी भी मारे गए हैं। ईरान के रक्षा मंत्री और IRGC के कमांडर-इन-चीफ की भी मौत हुई है।

    वॉइट हाउस ने हमले को बताया सही

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर घातक हमला करने के फैसले का व्हाइट हाउस ने बचाव किया। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि मिसाइल खतरों और परमाणु गतिविधियों से संबंधित खुफिया जानकारी ने अमेरिका के पास ‘कोई विकल्प नहीं’ छोड़ा था। एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ को जवाबी कार्रवाई नहीं बल्कि पूर्व-नियोजित और रक्षात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने फैसला किया कि वह चुपचाप बैठकर क्षेत्र में अमेरिकी सेनाओं को पारंपरिक मिसाइलों के हमलों का सामना नहीं करने देंगे।

    ईरान के हमले का इंतजार नहीं

    नाम न छापने की शर्त पर बोलते हुए, अधिकारियों ने बताया कि तात्कालिक चिंता दक्षिणी क्षेत्र में ईरान की ‘पारंपरिक मिसाइल क्षमता’ और परमाणु हथियार हासिल करने की उसकी काफी पुरानी इच्छा थी। एक अधिकारी के अनुसार, खुफिया जानकारी से संकेत मिला है कि ईरान उन मिसाइलों का इस्तेमाल ‘संभावित रूप से पूर्वव्यापी’ तरीके से कर सकता है। अधिकारी ने कहा कि पहले हमले का इंतजार करने से हताहतों और नुकसान की संख्या ‘काफी अधिक’ हो सकती थी। एक अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि हम उनके हाथों बंधक नहीं बनेंगे और न ही उन्हें हम पर पहले हमला करने देंगे।

    अधिकारियों ने ईरान पर जवाबी कार्रवाई में नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमला करने का आरोप लगाया। एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने अब सैन्य स्थलों से असंबंधित कई नागरिक स्थलों पर हमले किए हैं। उन्होंने एक होटल पर हमला किया है, उन्होंने कुवैत में हवाई अड्डे पर हमला किया है, उन्होंने अबू धाबी में होटलों पर हमला किया है।

    (एजेंसी इनपुट के साथ)

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