इसके अलावा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के अंदर उनके मिलिट्री ऑपरेशन की वजह से अमेरिकियों की जान जा सकती है। उन्होंने कहा कि कहा “ईरानी सरकार (अमेरिकियों को) मारना चाहती है। हिम्मत वाले अमेरिकी हीरो की जान जा सकती है और हमारे लोग भी हताहत हो सकते हैं। ऐसा अक्सर जंग में होता है, लेकिन हम यह अभी के लिए नहीं कर रहे हैं। हम यह भविष्य के लिए कर रहे हैं, और यह एक नेक मिशन है।”
ईरान पर हमले के बाद क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप?
- हम उनकी मिसाइलों को नष्ट करने जा रहे हैं और उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को जमीन पर तबाह करने जा रहे हैं। हम उनकी नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं।
- हम यह पक्का करने जा रहे हैं कि इस इलाके के ‘आतंकवादी’ प्रॉक्सी अब इस इलाके या दुनिया को अस्थिर न कर सकें।
- हम यह पक्का करेंगे कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार न मिले। यह बहुत आसान मैसेज है। उनके पास कभी न्यूक्लियर वेपन नहीं होगा।
- यह सरकार जल्द ही सीख जाएगी कि किसी को भी यूनाइटेड स्टेट्स आर्म्ड फोर्सेज की ताकत और क्षमता को चुनौती नहीं देनी चाहिए।
- ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा है जो जल्द ही US तक पहुंच सकती हैं।
इजरायल ने तेहरान में किन इलाकों में हमला किया है?
- खुफिया मंत्रालय
- रक्षा मंत्रालय
- ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन
- परचिन सैन्य परिसर
ईरान की सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि तेहरान के उत्तरी सैय्यद खानदान इलाके में भी धमाके हुए। दूसरे ईरानी मीडिया ने पश्चिमी इलम प्रांत समेत पूरे देश में हुए हमलों का ज़िक्र किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संयुक्त हमलों का मकसद “ईरानी शासन से आने वाले खतरों को खत्म करना” है। उन्होंने कहा, “कुछ समय पहले US मिलिट्री ने ईरान में बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन शुरू किया है। हमारा मकसद ईरानी शासन से खतरों को खत्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है।”
इजरायल के रत्रा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने दावा किया कि इजरायल ने “इज़राइल देश के लिए खतरों को दूर करने” के लिए मिसाइल हमला किया। एक अमेरिकी अधिकारी ने अल जज़ीरा को बताया कि ये हमले इजरायल और अमेरिका के बीच एक संयुक्त मिलिट्री ऑपरेशन के तौर पर किए गए, जिसने ईरान पर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर डील के लिए दबाव बनाने की कोशिश करने के लिए इस इलाके में फाइटर जेट और वॉरशिप का एक बड़ा बेड़ा इकट्ठा किया है। एक US अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि हमले हवा और समुद्र के रास्ते किए गये हैं।














