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  • ईरान पर हमला करने आये अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर बुरा हाल, टॉयलेट जाम, 45 मिनट लगती है लाइन

    वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान पर हमला करने पहुंचे दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड फोर्ड पर नाविकों का बुरा हाल है। रिपोर्ट के मुताबिक इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर पतले पाइप की वजह से टॉयलेट बार बार जाम हो रहे हैं। जिससे सैकड़ों नाविकों को घंटों तक लाइन में लगे रहना पड़ता है। द वॉल स्ट्रीट


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    By Azad Hind Desk फरवरी 24, 2026
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    वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान पर हमला करने पहुंचे दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस गेराल्ड फोर्ड पर नाविकों का बुरा हाल है। रिपोर्ट के मुताबिक इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर पतले पाइप की वजह से टॉयलेट बार बार जाम हो रहे हैं। जिससे सैकड़ों नाविकों को घंटों तक लाइन में लगे रहना पड़ता है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि बार-बार जाम होने की वजह से लगातार सीवेज सिस्टम फेल हो रहे हैं। जिससे क्रू की हालत पर असर पड़ रहा है। यह दिक्कत तब आई है जब यह एयरक्राफ्ट कैरियर ईरान पर हमला करने के लिए आगे बढ़ रहा है और ये पश्चिम एशिया की तरह आगे बढ़ रहा है। लिहाजा इसकी ऑपरेशनल तैयारियों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    ताजा रिपोर्ट के मुताबिक USS गेराल्ड आर. फोर्ड (CVN-78) आज ग्रीस के सौडा बे में क्रीट नेवल बेस पर कई दिनों के पोर्ट विजिट के लिए पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब इस जहाज की मरम्मत की जाएगी और जहाज में सप्लाई फिर से भरी जा सके और जहाज पर सवार नाविक आराम कर सकें। इसके बाद एक बार फिर से ये इजरायल का साथ देने पश्चिमी एशिया की तरफ निकल जाएगा। वह इजरायल के पास पूर्वी भूमध्य सागर की तरफ यात्रा शुरू करेगा।

    टॉयलेट जाने में 45 मिनट से ज्यादा वक्त
    वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, USS Ford एयरक्राफ्ट कैरियर के क्रू को 45 मिनट तक टॉयलेट लाइन में लगना पड़ता है। ये इतिहास का सबसे महंगा एयरक्राफ्ट कैरियर है, जिसे अमेरिकी ताकत दिखाने के लिए डिजाइन किया गया था। लेकिन अपने ही क्रू के लिए बेसिक सफाई की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है। यह समस्या जनवरी से चल रही है जब युद्धपोत को कैरिबियन में तैनात किया गया था। इसी एयरक्राफ्ट कैरियर से अमेरिका ने वेनेजुएला पर भी हमला किया था।

    रिपोर्ट के मुताबिक ये जहाज पिछले साल जून से ही लगातार समंदर में है। इस दौरान उसने पिछले साल अक्टूबर में कई तेल टैंकरों को जब्त किया था और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ा था और फिर अब इसे इजरायल की मदद के लिए भेजा गया है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल को मिली सैटेलाइट फोटो के मुताबिक फोर्ड शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ़ जिब्राल्टर से गुज़रा और पूरब की ओर बढ़ गया।

    एयरक्राफ्ट कैरियर पर तैनात नाविकों में गुस्सा
    रिटायर्ड रियर एडमिरल मार्क मोंटगोमरी ने अमेरिकी अखबार से कहा कि शांति के समय में कैरियर की तैनाती आमतौर पर छह महीने लंबी होती है। लेकिन उन्होंने कहा कि फोर्ड के नाविक पहले ही आठ महीने से घर से दूर हैं जिससे 11 महीने की संभावित तैनाती तय हो गई है। यह U.S. नेवी के जहाज द्वारा लगातार तैनाती का रिकॉर्ड तोड़ देगा। फोर्ड पर सवार एक नाविक ने जर्नल को बताया कि कई क्रू मेंबर गुस्से में और परेशान हैं। कुछ नाविकों ने तो अमेरिकी नौसेना छोड़ने तक की बात कही है। कई नाविक कई महीने से अपने परिवारवालों से नहीं मिल पाए हैं इसलिए अब वो काफी ज्यादा गुस्से में हैं और डिप्रेशन में जाने लगे हैं।

    कई नाविक अपने बच्चों के जन्मदिन, या बच्चों के जन्म या किसी करीबी के अंतिम संस्कार तक में शामिल नहीं हो पाए हैं। फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन डेविड स्कारोसी ने एक्स्ट्रा एक्सटेंशन के “दर्द” को माना और कहा कि इससे वह भी हैरान रह गए। दूसरे एक्सटेंशन की घोषणा के बाद 14 फरवरी को क्रू के परिवारों को लिखे एक चिट्ठी में उन्होंने लिखा था कि उन्हें उम्मीद थी कि वह कुछ हफ्तों में घर लौट आएंगे और अपने बैकयार्ड में बाड़ ठीक करेंगे।

    फोर्ड पर करीब 5000 से ज्यादा क्रू मेंबर्स
    इस एयरक्राफ्ट कैरियर पर करीब 5000 क्रू मेंबर्स हैं। जिनमें से ज्यादातर 20-25 की उम्र के युवा पुरूष और महिलाएं हैं, जिन्हें अब अपने माता-पिता और परिवार की याद आ रही है। संवेदनशील मिशन होने की वजह से उन्हें अपने परिवारों से कभी कभी ही बातचीत करने की इजाजत मिलती है। वो सोशल मीडिया से दूर हैं, इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते, इस वजह से वो पूरी दुनिया से कटे हुए हैं। जो उनके गुस्से को और भड़का रहा है।

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