पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह तालिबान के शासन वाले अफगानिस्तान में सरकारी ठिकानों पर हमले किए हैं। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया है। हालांकि, वह इन आरोपों से इनकार करता है। अफगान शहरों पर हमलों के बाद तालिबान के अधिकारियों ने इसे खुली जंग बताया है।
तालिबान ने मारे पाकिस्तान के 110 सैनिक
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने काबुल के साथ ही तालिबान नेतृत्व के गढ़ कंधार और कई दूसरी जगहों पर भी हमले किए। ये हमले इस्लामाबाद का अफगानिस्तान की सत्ता पर पहला सीधा हमला था। पाकिस्तानी हमलों के जवाब में तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की है। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को दावा किया था कि पिछले दो दिनों की कार्रवाई में उसने पाकिस्तान के 110 सैनिकों को मारा गया और 68 घायल हुए हैं।
पाकिस्तान के अंदर तालिबान का ड्रोन हमला
एक बयान में तालिबान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने पाकिस्तानी सैनिकों के खिलाफ लगातार ऑपरेशन किया है और 27 मिलिट्री पोस्ट पर कब्जा कर लिया है। इसने यह भी दावा किया कि तालिबान के ड्रोन ने पाकिस्तान के अंदर मिलिट्री सुविधाओं को निशाना बनाया।
पाकिस्तान ने अपने दावे में तालिबान को भारी नुकसान पहुंचाने की बात कही है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने दावा किया कि इस्लामाबाद के मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने के बाद 331 तालिबान सदस्य मारे गए हैं। शनिवार को एक पोस्ट में तरार ने कहा कि 104 तालिबानी चौकियों को नष्ट कर दिया गया और 22 पर कब्जा कर लिया गया है।













