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  • ईरान में खामेनेई के लिए लड़ रही क‍िलर विदेशी मिलिशिया, ईरानी सुरक्षाबलों ने आदेश मानने से किया इनकार

    तेहरान: ईरान में बीते साल दिसम्बर के आखिरी महीने में महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ आंदोलन में बदल गए हैं। ईरान में लोग सड़कों पर उतरकर खुलेआम इस्लामिक शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं। खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बेहद


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    By Azad Hind Desk जनवरी 15, 2026
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    तेहरान: ईरान में बीते साल दिसम्बर के आखिरी महीने में महंगाई के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शन अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ आंदोलन में बदल गए हैं। ईरान में लोग सड़कों पर उतरकर खुलेआम इस्लामिक शासन के खात्मे की मांग कर रहे हैं। खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन ने विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए बेहद क्रूर रवैया अपनाया है। इन प्रदर्शनों में अब तक 2600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और 20000 से अधिक को गिरफ्तार थी। खास बात है कि मरने वालों की संख्या इस सप्ताह की शुरुआत में सोमवार तक लगभग 600 थी, वह मंगलवार को 2200 के पार हो गई। बुधवार को 2600 के ऊपर थी।

    लंदन स्थित ईरान इंटरनेशनल और अमेरिकी स्थित CBS न्यूज ने सूत्रों के हवाले से मरने वालों का आंकड़ा 12000 के लगभग बताया है। कुछ रिपोर्ट में यह संख्या 20,000 बताई गई है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 3 दिनों में ईरानी शासन ने कैसा दमन चक्र चलाया जिसमें हजारों लोग मारे गए।

    ईरानी सुरक्षाबल नहीं मान रहे आदेश

    इस बीच कुछ ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं जिसमें कहा गया है कि पड़ोसी इराक से शिया मिलिशिया की ईरान में एंट्री हुई है। माना जाता है कि इस मिलिशिया का ईरान में हिंसा में बढ़ोतरी से कनेक्शन है। इस बीच कुर्दिश मानवाधिकार समूह हेंगाओ ऑर्गनाइजेशन फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया है कि हाल के दिनों में कुछ सरकारी बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने से मना कर दिया था। समूह ने दावा किया कि बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

    ईरान की सड़कों पर इराकी मिलिशिया

    ईरानी विपक्षी नेता मेहदी रजा ने द मीडिया लाइन को ईरान के अंदर मौजूद सूत्रों के हवाले से बताया कि इराकी मिलिशिया को सरकारी मुख्यालयों की सुरक्षा में तैनात किया गया है। ईरानी पत्रकार नेजात बहरामी ने 12 जनवरी को एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें हिजबुल्लाह और पुराने सीरियाई झंडे के साथ एक भीड़ देखी गई। बहरामी ने दावा किया कि ये हिजबुल्लाह और हशद अल-शाबी के आतंकवादी थे, जो ईरान जाकर खामेनेई शासन की मदद के लिए अपनी तैयारी की घोषणा कर रहे थे।

    एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस ऐक्टिव

    ईरान में प्रदर्शनकारियों की मौत में अचानक बढ़ोतरी का संबंध इसी इराकी मिलिशिया से हो सकता है, जिसे खामेनेई की मदद के लिए सड़कों पर तैनात किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि खामेनेई ने एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस को एक्टिव कर दिया है और कताइब हिजबुल्लाह, हरकत हिजबुल्लाह, बदर और कताइब सैयद अल-शुहादा जैसे मिलिशिया समूह के सदस्य ईरान में घुस गए हैं।

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