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  • ईरान में तख्‍तापलट का ख्याली पुलाव बनाना छोड़ दीजिए, विदेश मंत्री की दो-टूक, सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया

    तेहरान: ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमले के खतरे को देखते हुए उनकी फौज हाई अलर्ट पर हैं। हातमी ने डोनाल्ड ट्रंप को चेताते हुए कहा कि खाड़ी में अमेरिका की सैन्य तैनाती के बाद उनके देश की सेनाएं अलर्ट हैं और किसी भी आक्रामकता का पुरजोर


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    By Azad Hind Desk जनवरी 31, 2026
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    तेहरान: ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा है कि अमेरिका और इजराइल के हमले के खतरे को देखते हुए उनकी फौज हाई अलर्ट पर हैं। हातमी ने डोनाल्ड ट्रंप को चेताते हुए कहा कि खाड़ी में अमेरिका की सैन्य तैनाती के बाद उनके देश की सेनाएं अलर्ट हैं और किसी भी आक्रामकता का पुरजोर तरीके से जवाब देंगी। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अली खामेनेई के तख्तापलट की अफवाहों को ख्याली पुलाव कहकर खारिज किया है। अराघची ने ईरान के साथ बातचीत के रास्ते खुले होने की बात भी कही है।

    IRNA न्यूज एजेंसी के अनुसार ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातेमी ने देश के आसपास अमेरिकी सैन्य बेड़े के जमावड़े पर शनिवार को बयान दिया है। उन्होंने कहा, ‘अगर दुश्मन (अमेरिका) कोई गलती करता है तो वह अपनी सुरक्षा, क्षेत्र की स्थिरता और इजरायल की सुरक्षा को खतरे में डालेगा। ईरान की सशस्त्र सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह से अलर्ट और सक्षम है।’

    अमेरिका से बातचीत का रास्ता खुला: अराघची

    अमेरिका से तनातनी के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन से जुड़ी रिपोर्ट कोरी कल्पना है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस भ्रम में फंस गए हैं कि वह अली खामेनेई का तख्तापलट कर सकते हैं। हमारा सिस्टम इतना मजबूती से जमा हुआ है कि उसको कोई फर्क नहीं पड़ेगा। किसी को भी तेहरान को लेकर भ्रम नहीं पालना चाहिए।’

    अमेरिका से बातचीत पर अराघची ने कहा, ‘हम संतुलित डिप्लोमेसी के लिए तैयार हैं। तेहरान का यह रुख हमेशा से रहा है। लेकिन यह समझना होगा कि बातचीत हुक्म चलाने से अलग होती है और पहले से उसका नतीजा तय नहीं हो सकता। सबसे पहले अमेरिका को हमें धमकाना बंद करना होगा। उन्हें आपसी सम्मान और बराबरी के शर्तों पर बातचीत के लिए तैयार होना होगा।’

    अमेरिका-ईरान तनाव

    ईरान में विरोध प्रदर्शनों में हिंसा के बाद इस महीने के शुरुआत से ही डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान में सैन्य हमले के संकेत दिए हैं। अमेरिका ने इस महीने के शुरू में तेहरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई को क्रूर बताते हुए इस मामले में दखल की बात कही थी। ट्रंप की ओर से लगातार हमले का इशारा करने वाली बातें कही जा रही हैं।

    अमेरिका ने ईरान शासन पर प्रदर्शनकारियों को मारने का आरोप लगाया है। वहीं तेहरान ने हिंसा के लिए अमेरिका को जिम्मेदार कहा है। ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश के विरोध प्रदर्शनों में हुई मौतों का दोषी कहा है। वहीं राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय नेताओं को जिम्मेदार कहा है।

    अमेरिका ने बीते एक हफ्ते में अपने कई जंगी जहाज और दूसरे सैन्य साधन ईरान के पड़ोस में भेजे हैं। ईरान के आसपास समुद्र में अमेरिकी जंगी बेड़े के पहुंचने से यह आशंका गहरा गई है कि आने वाले कुछ दिन के भीतर ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला किया जा सकता है। ट्रंप की ओर से भी इसके संकेत दिए गए हैं।

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