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  • ईरान में फंसे 3,000 भारतीय मेडिकल छात्र, जरूरी कदम उठाए सरकार, AIMSA की गुहार

    नई दिल्ली: ईरान में लगातार फैल रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) के फॉरन स्टूडेंट विंग ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से दखल देने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस समय करीब 3,000 भारतीय मेडिकल छात्र मध्य-पूर्व के इस देश में हैं, जहां


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    By Azad Hind Desk जनवरी 3, 2026
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    नई दिल्ली: ईरान में लगातार फैल रहे हिंसक प्रदर्शनों को देखते हुए ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AIMSA) के फॉरन स्टूडेंट विंग ने शनिवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर से दखल देने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि इस समय करीब 3,000 भारतीय मेडिकल छात्र मध्य-पूर्व के इस देश में हैं, जहां कई शहरों में अशांति फैलती जा रही है। इस चिट्ठी में ईरान में मौजूद भारतीय मेडिकल छात्रों और उनके परिवार वालों में सुरक्षा का भरोसा बहाल करने की अपील की गई है।

    स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने लिखी चिट्ठी

    विदेश मंत्री एस जयशंकर को लिखी चिट्ठी में ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन के जम्मू और कश्मीर यूनिट के वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद मोमिन खान ने ईरान में भारतीय छात्रों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए कहा है कि वहां हालात तेजी से खराब होते जा रहे हैं। चिट्ठी के अनुसार, ‘ऑल इंडिया मेडिकल स्टूडेंट्स एसोसिएशन की ओर से मैं इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में वर्तमान स्थिति और वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रहे करीब 3,000 भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा और हितों को लेकर बढ़ती हुई चिंता की ओर आपका ध्यान खींचना चाहता हूं।’

    ‘छात्र और परिवार वाले गहरी चिंता में’

    इस चिट्ठी में कहा गया है कि ईरान की जमीनी स्थिति को देखते हुए वे छात्र और उनके परिवार वाले बहुत ज्यादा दहशत में हैं। चिट्टी में लिखा गया है, ‘क्षेत्र में बदलते हालात और वर्तमान अनिश्चितता को देखते हुए, पूरे देश में रह रहे भारतीय मेडिकल छात्र और उनका परिवार बहुत ज्यादा चिंता में हैं। इन छात्रों का नामांकन पूरे ईरान भर के अलग-अलग मेडिकल यूनिवर्सिटी में है और ये लोग मूल रूप से स्थानीय जगहों, होस्टलों और शैक्षणिक संस्थानों पर निर्भर हैं, इस वजह से अनिश्चितता के इस दौर में उनकी स्थति ज्यादा पलती हो चुकी है।’

    एहतियाती कदम उठाने की अपील

    इन परिस्थितियों में एसोसिएशन ने विदेश मंत्रालय से सभी एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया है, जिसमें इमरजेंसी हेल्पलाइन स्थापित करने के अलावा जरूरत पड़ने पर वहां से निकालने की योजना भी शामिल है। एसोसिएशन का कहना है, ‘AIMSA विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार से विनम्र निवेदन करता है कि वह स्थिति पर बारीकी से नजर रखे और ईरान में मौजूद भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा, सलामती और बिना किसी रुकावट के संपर्क सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय और एहतियाती कदम उठाए। भारतीय दूतावास के साथ तालमेल मजबूत करने, खास इमरजेंसी हेल्पलाइन की व्यवस्था करने, समय पर एडवाइजरी जारी करने, और आवश्यकता पड़ने पर इमरजेंसी या वहां से निकालने की योजना तैयार रखने से छात्रों और उनके परिवार वालों को बहुत ही ज्यादा भरोसा मिलेगा।’

    पीएम मोदी से भी किया गया है अनुरोध

    दरअसल, ईरान में बढ़ती कीमतें, आर्थिक संकट की वजह से सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों ने हालात को बेकाबू कर दिया है। जगह-जगह से प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पों की खबरें आ रही हैं। इससे पहले शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर उनसे दखल की मांग की थी, ताकि वहां रह रहे भारतीय मेडिकल छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके, खासकर जो घाटी से हैं और ईरान में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। (एएनआई इनपुट पर आधारित)

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