माना जा रहा है कि इस बार रक्षा मंत्रालय के बजट में ‘डबल-डिजिट’ यानी 10% या उससे ज्यादा की बढ़ोतरी की जा रही है। सेना के लिए हथियार खरीदने वाले कैपिटल बजट में भी ऐसी ही बढ़ोतरी की योजना है। इस बड़ी बढ़ोतरी के बाद, रक्षा बजट 7 लाख करोड़ रुपये से काफी ऊपर चला जाएगा और हथियारों की खरीद के लिए रखा जाने वाला महत्वपूर्ण कैपिटल बजट 2 लाख करोड़ रुपये से ऊपर होगा। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा होगा।
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तीनों सेनाओं को मिलेगा फायदा
इस बढ़ोतरी का फायदा तीनों सेनाओं को मिलेगा, लेकिन वायु सेना (IAF) को सबसे ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है। आने वाले वित्तीय वर्ष में एयर-टू-एयर रिफ्यूलर (हवा में ही विमानों को ईंधन भरने वाले) और एयरबोर्न वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) जैसे महत्वपूर्ण उपकरण खरीदे जा सकते हैं। AWACS रिफ्यूलर की तरह ही सेना की ताकत बढ़ाने वाला सिस्टम है। रिफ्यूलर के लिए अमेरिका और इजराइल से बात चल रही है, जबकि AWACS के लिए ब्राजील से जुड़ाव हो सकता है।
यहां हो सकती हैं बड़ी डील
- 114 राफेल लड़ाकू विमानों के लिए 30 अरब यूरो का सौदा मार्च 2027 तक हो सकता है। हालांकि, इसमें अभी काफी समय लगेगा। रक्षा अधिग्रहण परिषद को इसे मंजूरी देनी होगी। इसके अध्यक्ष रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हैं। इसके बाद कीमतों पर बातचीत और विमानों में स्वदेशी पुर्जों के इस्तेमाल पर चर्चा होगी।
- फ्रांस की कंपनी सफ्रान (Safran) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के बीच विमानों के इंजन बनाने के लिए सहयोग का भी प्रावधान होगा। यह लगभग 3 अरब यूरो का प्रोजेक्ट हो सकता है और इसके लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) को प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
पिछली बार कितना था बजट?
पिछले रक्षा बजट में कुल खर्च 6,81,210.27 करोड़ रुपये था। पिछले साल की तुलना में यह बढ़ोतरी दस प्रतिशत से कम थी। कैपिटल बजट, यानी हथियारों की खरीद के लिए, कुल बजट का 26% से ज्यादा था, जो कि 1,80,000 करोड़ रुपये था। सूत्रों के मुताबिक, नए बजट में ये आंकड़े पिछले साल के उच्च स्तरों से काफी ऊपर होंगे।













