यह डील ऐसे समय में आई है जब कुछ हफ्तों से अनिश्चितता का माहौल था। पहले अमेरिका ने भारत पर 50% तक का टैरिफ लगा दिया था। अमेरिका की यह मांग थी कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद कर दे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। हालांकि, पीएम मोदी ने अपनी सार्वजनिक प्रतिक्रिया में रूस से तेल खरीदने के बारे में कुछ भी नहीं कहा।
India US Trade Deal: भारत के साथ टैरिफ के खेल में अमेरिका 18-0 से आगे! ट्रेड डील में क्या ट्रंप मार ले गए बाजी?
भारत को क्या शर्तें माननी पड़ीं?
1. अमेरिकी सामानों पर जीरो टैरिफ
- भारत अब अमेरिका से आने वाले सामानों पर लगने वाले टैरिफ और अन्य व्यापारिक बाधाओं को पूरी तरह से खत्म कर देगा।
- अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत का बाजार और भी खुल जाएगा। ट्रंप ने कहा कि भारत अमेरिकी सामानों पर जीरो फीसदी तक टैरिफ लगाएगा।
2. रूस से तेल खरीदना बंद करें
- अमेरिका ने कहा है कि भारत पर लगाए गए 25% के अतिरिक्त टैरिफ को तभी हटाया जाएगा जब भारत रूस से तेल खरीदना पूरी तरह से बंद कर देगा।
- ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के कारण लगाए गए 25% के अतिरिक्त टैरिफ को वापस लेने पर सहमति जताई है।
- रॉयटर्स ने भी व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि यह 25% का दंडात्मक टैरिफ हटा दिया जाएगा, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
3. अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीद
- ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि भारत अब अमेरिका से और संभवतः वेनेजुएला से भी तेल खरीदेगा।
- ट्रंप ने हाल ही में वेनेजुएला के तेल भंडारों पर कब्जा कर लिया है। कुछ समय पहले ट्रंप ने कहा था कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए तैयार है।
4. यूक्रेन युद्ध पर रणनीतिक तालमेल
- ट्रंप ने इस डील को यूक्रेन युद्ध को खत्म करने में भारत के सहयोग से भी जोड़ा।
- ट्रंप का तर्क है कि रूस से तेल खरीदना बंद करने से मॉस्को पर दबाव पड़ेगा। इससे यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने में मदद मिलेगी, जो इस समय हो रहा है और हर हफ्ते हजारों लोग मर रहे हैं।
5. अमेरिकी सामानों की खरीद
- ट्रंप के अनुसार भारत ने अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि उत्पादों और कोयले के रूप में 500 अरब डॉलर से अधिक के अमेरिकी सामान खरीदने का वादा किया है।
- इससे अमेरिकी निर्यात में काफी वृद्धि होगी। ट्रंप ने कहा कि भारत ने ‘BUY AMERICAN’ (अमेरिकी खरीदें) के लिए भी बहुत बड़े स्तर पर प्रतिबद्धता जताई है।
दोनों देशों को फायदा
यह समझौता दोनों देशों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत पर लगे भारी टैरिफ को कम करने से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी। वहीं, अमेरिका के लिए यह एक बड़ी व्यावसायिक जीत मानी जा रही है, क्योंकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों की खरीद बढ़ाने का वादा किया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि यह समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं और वैश्विक भू-राजनीति को कैसे प्रभावित करता है।












